करनाल। अखिल भारतीय महापौर परिषद की अध्यक्ष एवं करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का सपना तभी साकार होगा, जब देश के नगर निकाय मजबूत, आत्मनिर्भर, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनेंगे। शहरों का सुनियोजित विकास केवल आधारभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सुशासन, जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और संवेदनशील प्रशासन के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी इसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जनसेवा हमारा संकल्प और विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगर निकाय लोकतंत्र की सबसे निकटतम इकाई हैं, इसलिए इनके सशक्त होने से ही देश के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
महापौर रेणु बाला गुप्ता शुक्रवार को नई दिल्ली के गोल मार्केट स्थित अखिल भारतीय महापौर परिषद के कार्यालय में परिषद की गतिविधियों एवं विभिन्न संगठनात्मक विषयों को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण विचार-विमर्श के दौरान अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। बैठक में देशभर के नगर निकायों के समग्र विकास, सुशासन, शहरी प्रबंधन, जनसेवा, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा नगर प्रशासन से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों से जुड़े अनुभवों और कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के माध्यम से बेहतर शहरी प्रशासन और जनहितकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विस्तार से विचार किया गया।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि ऐसे संवाद केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि देशभर के नगर निकायों के बीच समन्वय, नवाचार और सफल कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच बनते हैं। इससे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शहरों के सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में नई सोच और बेहतर कार्ययोजनाओं को बल मिलता है।
प्रभावी ढंग से उठाएंगे आवाज़
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि अखिल भारतीय महापौर परिषद नगर निकायों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से उठाने के साथ-साथ शहरी विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में रचनात्मक भूमिका निभाती रहेगी। बैठक के दौरान अनिल, मनदीप एवं अन्य सहयोगी भी उपस्थित रहे।
