करनाल, 18 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज, संस्कार और मानवता की रक्षा का अभियान है। उन्होंने कहा कि नशा अनेक परिवारों को बर्बाद कर रहा है और युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। ऐसे में इसे जनभागीदारी के माध्यम से जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री शनिवार को करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में आयोजित एक पुलिस, एक संकल्प- ड्रग्स मुक्त हरियाणा कार्यक्रम के तहत आयोजित सामुदायिक पुलिसिंग संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराजा दानवीर कर्ण के नाम से प्रसिद्ध करनाल की पावन धरा से नशे के खिलाफ एक नए युद्ध का शंखनाद होने जा रहा है और इस कार्य में शासन-प्रशासन व आम जन की भागीदारी के साथ-साथ पुलिस विभाग की सशक्त भूमिका निभाएं। हरियाणा पुलिस के सभी थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ आयोजित इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश को पूर्णत: नशामुक्त बनाने के संकल्प को और सुदृढ़ करना तथा इस दिशा में प्रभावी रणनीति तैयार करना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी किया। पत्रिका में विदेशों से प्रत्यर्पित कर भारत लाए गए अपराधियों सहित विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और महत्वपूर्ण अभियानों का उल्लेख किया गया है।
हर थाना सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक थाना केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रहे, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बने। थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और युवा मंडलों के साथ नियमित संवाद स्थापित करें तथा युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि आज नशे का कारोबार आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और संगठित अपराध के माध्यम से युवाओं तक पहुंच रहा है। इसलिए पुलिस को भी आधुनिक तकनीक के अनुरूप सजग, सक्रिय और सक्षम बनना होगा। केवल तस्करों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना आवश्यक है। साथ ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, संवेदनशीलता और पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। जब पुलिस, परिवार, शिक्षक, चिकित्सक, सामाजिक संगठन, मातृशक्ति और युवा शक्ति एकजुट होकर कार्य करेंगे, तभी नशा मुक्त हरियाणा का लक्ष्य साकार होगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। हरियाणा को खेलों का हब बनाना है, ताकि युवा नशे की गिरफ्त में आने के बजाय मैदान में उतरकर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें। स्वस्थ, अनुशासित और खेल संस्कृति से जुड़े युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेंगे।
हर स्तर पर बनेगी नशा मुक्ति टास्क फोर्स
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जिला, उपमंडल, ब्लॉक, गांव और वार्ड स्तर तक नशा मुक्ति टास्क फोर्स का गठन करेगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, थाना प्रभारियों, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, युवा एवं महिला मंडलों, केमिस्ट एसोसिएशन तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को शामिल किया जाएगा, ताकि नशे के खिलाफ व्यापक सामाजिक अभियान चलाया जा सके।
उन्होंने थाना प्रभारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक थाना प्रभारी यह संकल्प ले कि उसके क्षेत्र में नशे का कारोबार नहीं होने देगा, तो नशा माफिया के लिए हरियाणा में कोई स्थान नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है तथा उसका सम्मान हर परिस्थिति में सर्वोपरि रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं का स्वस्थ, जागरूक, नशामुक्त और खेलों से जुड़ा होना आवश्यक है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों से आह्वान किया कि वे नशा मुक्त हरियाणा अभियान को जन-जन का अभियान बनाकर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सुपर-100 के 70 विद्यार्थियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सुपर-100 कार्यक्रम के 70 विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इनका मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर एवं साधारण परिवारों से हैं। उनकी सफलता सरकार द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों का परिणाम है।
पुलिस अधिकारियों की मांगों पर मुख्यमंत्री की घोषणाएं
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस अधिकारियों के साथ संवाद के दौरान विभाग से जुड़े विभिन्न सुझावों और मांगों पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि तफ्तीश हेड के तहत उपलब्ध राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की जाएगी, ताकि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जांच अधिकारियों (आईओ) को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरुद्ध उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए एनडीपीएस मामलों में हरियाणा की अलग पुरस्कार नीति तैयार की जाएगी। इसके लिए अन्य राज्यों की पुरस्कार नीति का अध्ययन कर हरियाणा के अनुरूप नीति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्यूल पर्पज ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित एंड-टू-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके तैयार होने तक सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि ऐसी दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने बताया कि ग्रुप-डी कर्मचारियों के कार्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए भी सरकार विचार कर रही है। इसके लिए एक पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की योग्यता और कौशल के अनुरूप उनकी ड्यूटी सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला पुलिस लाइनों में पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी और सरकार का प्रयास रहेगा कि वहां पीएचसी स्थापित की जाए। साथ ही, समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे, विशेष रूप से संवेदनशील जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गैंगस्टरों और अपराधियों के महिमामंडन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों तथा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे, जिसके बाद आवश्यक एडवाइजरी जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जो थाना प्रभारी अपने क्षेत्र को प्रभावी रूप से नशामुक्त बनाने में सफल होगा, सत्यापन के उपरांत उसे सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से थाना प्रभारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नशा मुक्त हरियाणा अभियान को नई गति मिलेगी।
हरियाणा को नशामुक्त बनाने में सभी विभाग मिलकर करेंगे कार्य: सुधीर राजपाल
कार्यक्रम में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती का विषय है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों, ग्राम पंचायतों, वार्ड समितियों और आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं को इस लड़ाई में अकेला न समझें, क्योंकि सरकार का प्रत्येक विभाग उनके साथ मिलकर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है। श्री राजपाल ने हरियाणा पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, साइबर अपराध नियंत्रण, सीसीटीएनएस, आईसीजेएस तथा अपराधियों के डिपोर्टेशन जैसे क्षेत्रों में हरियाणा पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रभावी कार्यप्रणाली के कारण प्रदेश में अपराध दर में लगातार कमी आ रही है। इस वर्ष भी कुल अपराधों में लगभग 7 से 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह हरियाणा पुलिस की जमीनी स्तर पर की जा रही प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने कहा कि विभाग द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध पूरे प्रदेश में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं तथा उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि जन जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक कर रही है। उन्होंने विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों तथा उनकी उपलब्धियों की भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस ने नशा तस्करी के विरुद्ध निर्णायक अभियान चलाया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से 2025 के दौरान कमर्शियल मात्रा के मामलों में संलिप्त 3,151 हरियाणा आधारित तथा अन्य राज्यों के मामलों से जुड़े 321 हरियाणा आधारित नशा तस्करों की पहचान कर उनके नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक 14 आदतन नशा तस्करों के विरुद्ध पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि 50 नशा तस्करों की 47 अवैध रूप से अतिक्रमित संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों एवं विदेशी नागरिकों सहित 256 अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी कर संगठित ड्रग सिंडिकेट्स पर प्रभावी प्रहार किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा वर्ष 2026 में अब तक लगभग 18 हजार किलोग्राम मादक पदार्थ तथा लगभग 43 लाख नशीली गोलियां, कैप्सूल एवं दवाइयों का वैज्ञानिक तरीके से विनष्टीकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ड्रग फ्री हरियाणा अभियान के तहत पूरे प्रदेश में व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के प्रयासों को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने भी सराहा है तथा राज्य की क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए नेशनल फंड फॉर कंट्रोल ऑफ ड्रग एब्यूज के अंतर्गत 55 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा पुलिस नशा तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और यदि विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी भी इस अपराध में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
इस अवसर पर विधायक श्री योगेंद्र राणा,गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन की निदेशक श्रीमती कला रामचंद्रन, हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक श्री नवदीप सिंह विर्क, करनाल की मेयर श्रीमती रेणुबाला गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर, सांसद प्रतिनिधि कवींद्र राणा, हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमेन एडवोकेट अशोक सिरसी सहित डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजराणिया, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
