नीलोखेड़ी/ करनाल, 18 जुलाई। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति,परंपराओं और संस्कारों की संवाहक भी है। अपनी मातृभाषा का हमारा दायित्व है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने संस्थान में वीबीजी रामजी के अंतर्गत युक्तधारा द्वारा ग्राम पंचायत की जीआईएस आधारित निगरानी विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर कही। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान संस्थान परिसर में प्रतिभागियों के साथ पौधारोपण किया तथा लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग कर आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनकी प्रभावी निगरानी और संरक्षण की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम में सोनीपत एवं हिसार से आए अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारियों और जूनियर इंजीनियरों ने भाग लिया।
डॉ. अपने संबोधन में चौहान ने कहा कि युक्तधारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की पारदर्शिता, गुणवत्ता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है। जीआईएस आधारित योजना निर्माण एवं डिजिटल मैपिंग से ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं का वैज्ञानिक क्रियान्वयन संभव होगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के नवीन स्वरूप वीबीजी रामजी के अंतर्गत तकनीक का अधिकतम उपयोग ग्रामीण विकास को नई दिशा प्रदान करेगा तथा योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायतों में किए जाने वाले विकास कार्यों, सार्वजनिक परिसंपत्तियों तथा पौधारोपण गतिविधियों की जियो-टैगिंग की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें बताया गया कि जियो-टैगिंग के माध्यम से प्रत्येक विकास कार्य एवं लगाए गए पौधों का सटीक भौगोलिक स्थान, फोटो तथा आवश्यक विवरण डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाता है, जिससे कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, गुणवत्ता का मूल्यांकन और पारदर्शी सत्यापन संभव हो पाता है। प्रशिक्षण के अंतर्गत संस्थान परिसर में पौधारोपण भी किया गया तथा लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग कर प्रतिभागियों को इसकी पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मीडिया संस्थान के सहायक आचार्य डॉ प्रदीप राय ने कहा कि सूचनाओं के विस्फोट के इस युग में मीडिया साक्षर होना भी परम आवश्यक है।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं सहायक आचार्य कमलदीप सांगवान ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को युक्तधारा पोर्टल, जीआईएस आधारित योजना निर्माण, जियो-टैगिंग, डिजिटल मैपिंग तथा ग्राम पंचायतों में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर), हैदराबाद से आए सहायक आचार्य मोहम्मद जफर ने प्रतिभागियों को युक्तधारा के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराते हुए जीआईएस आधारित निगरानी प्रणाली, डिजिटल मैपिंग, परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग तथा ग्राम पंचायतों में तकनीक आधारित योजना निर्माण की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर सुंदर, अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी, सुषमा, सीमा तथा राजपाल पूनिया, अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
