कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक अस्पताल के कौमारभृत्य (बाल रोग) विभाग द्वारा विश्व विटिलिगो दिवस के अवसर पर सफेद दाग (विटिलिगो) के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा रोगियों को उपचार संबंधी जानकारी देने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। कौमारभृत्य विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमित कटारिया ने बताया कि कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान एवं कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में ओपीडी संख्या-53 में आए बच्चों एवं उनके अभिभावकों को विटिलिगो के कारणों, लक्षणों, बचाव और आयुर्वेदिक उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर बच्चों को स्टेशनरी पाउच वितरित किए गए तथा विटिलिगो में लाभकारी आहार संबंधी जानकारी वाले पम्पलेट भी प्रदान किए गए।
डॉ. कटारिया ने कहा कि विटिलिगो को लेकर समाज में अनेक भ्रांतियां और गलत धारणाएं प्रचलित हैं, जिन्हें वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय जानकारी के माध्यम से दूर करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में विटिलिगो के प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं तथा उचित चिकित्सा, संतुलित आहार-विहार और नियमित परामर्श से रोगियों को बेहतर लाभ मिल सकता है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय पर रोग की पहचान और उपचार के लिए लोगों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य शिक्षा को भी बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर डॉ. जयदेव गेहिजा ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को विटिलिगो से जुड़े मिथकों और वास्तविक तथ्यों की जानकारी दी। बताया कि विटिलिगो एक त्वचा संबंधी विकार है, जो किसी भी आयु में हो सकता है। समय पर पहचान और उचित उपचार से इसके बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि इस रोग से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव से बचें। शिविर के दौरान विटिलिगो से पीड़ित रोगियों की चिकित्सकीय जांच की गई तथा आवश्यकता अनुसार कुट्टन कर्म सहित विभिन्न आयुर्वेदिक उपचार प्रक्रियाएं भी की गईं। चिकित्सकों ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से सफेद दाग से पीड़ित बच्चों में उत्साहजनक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इस अवसर पर विभाग के चिकित्सक, स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं अस्पताल का स्टाफ उपस्थित रहा।
