कुरुक्षेत्र, 9 जून। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जा रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही मतदाता सूची में दर्ज हों तथा प्रत्येक योग्य नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के लिए बीएलओ के प्रशिक्षण शिविर में बोल रहे थे। इस कार्यशाला में एडीशनल एईआरओ, सुपरवाइजर, बीएलओ को विशेष गहन प्रशिक्षण कार्य को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रश्नोत्तरी सेशन में सभी प्रश्नों का जवाब भी दिया गया। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान मृत मतदाताओं के नाम हटाने, दोहरी प्रविष्टियों को समाप्त करने, स्थानांतरित मतदाताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करने तथा नए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सभी बीएलओ अपने कार्य को ईमानदारी और लगन के साथ पूरा करेंगे। एसआईआर के लिए बीएलओ का प्रशिक्षण लगातार चलेगा। बीएलओ अपनी संशय को क्लीयर करें। फिल्ड में कोई दिक्कत आए तो अपने उच्च अधिकारी की सलाह लें। किसी भी बीएलओ की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि 14 जून तक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद 15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को दो प्रपत्र देंगे, जिन्हें मतदाता द्वारा भरा जाएगा। सभी मतदाता अपने दो पासपोर्ट साइज फोटो जरूर साथ रखें। उन्होंने कहा कि हमारे जिला से बहुत से वोटर विदेशों में गए है, दूसरे स्थानों पर नौकरी या व्यापार कर रहे हैं। ऐसे मतदाता अपने पते पर नहीं रहता, उसकी जानकारी उसके परिवार का व्यस्क सदस्य एनूमरेशन फार्म भरकर बीएलओ को दे सकता है। मतदाता स्वयं भी ऑनलाइन प्रक्रिया में हिस्सा लेकर एन्यूमरेशन फार्म भर सकता है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा कहा कि एन्यूमरेशन फार्म को 6 प्रकार से भरा जाना है। जिन मतदाताओं का नाम 2002 की मतदाता सूची हैं, उनका स्वयं की डिटेल व 2002 का रिकॉर्ड भरा जाएगा। जिन मतदाताओं का 2002 की मतदाता सूची में नहीं है उनके परिजनों (माता-पिता) की 2002 सूची का रिकॉर्ड फार्म में भरा जाएगी। जिन मतदाताओं व उनके परिजनों (माता-पिता) का 2002 की मतदाता सूची में नाम नहीं है, उनके दादा-दादी के मतदाता सूची रिकॉर्ड को फार्म में भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से स्थानांतरण होकर आने वाले मतदाताओं को एसआईआर में शामिल कर सकते हैं। इस स्थिति में मतदाता को अपने एन्यूमरेशन फार्म में पहले राज्य की एसआईआर की डिटेल भरनी होगी। विवाहित महिला के आवेदन में उसके पति की बजाए उसके परिजनों (माता-पिता) के 2002 की सूची के  रिकॉर्ड से डाटा लिया जाएगा। विवाहित महिला के आवेदन में यदि 2002 की सूची में केवल माता का रिकॉर्ड है तो माता की रिकॉर्ड की ही डिटेल शामिल की जाएगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत तैयार प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 21 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएगी, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने या अन्य त्रुटियों को समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की स्थिति में मतदाता या उसके परिवार का कोई ऑब्जेक्शन है उसको दूर करने या आपत्ति दर्ज करवाने की पूर्ण जानकारी बताएं, ताकि उसका हल हो सके और वो अपनी संतुष्टि जाहिर करे।
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करें। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि मंगलवार को लाडवा विधानसभा, 10 जून को शाहाबाद, 12 को थानेसर और 13 जून को पिहोवा विधानसभा के बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस मौके पर एसडीएम अमन कुमार, एसडीएम अनुभव मेहता, एसडीएम शंभू राठी, चुनाव तहसीलदार संदीप कुमार, कानूनगो सुदेश कुमारी, सहायक मीनू सैनी सहित एईआरओ, एडिशनल एईआरओ, सुपरवाइजर, बीएलओ ने हिस्सा लिया।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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