डॉ. राजेश खरब ने बताया कि वर्ष 1961 में स्थापित भौतिकी विभाग विश्वविद्यालय के सबसे प्रतिष्ठित और शोधोन्मुख विभागों में से एक है। विभाग ने पिछले छह दशकों में शिक्षण, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाग के शोध कार्यों को मान्यता मिली है तथा यहां से शिक्षित विद्यार्थी देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों, उद्योगों एवं अनुसंधान प्रयोगशालाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। विभाग में विद्यार्थियों को अनुभवी एवं समर्पित शिक्षकों के मार्गदर्शन में अध्ययन करने का अवसर मिलता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण, उच्च गति इंटरनेट सुविधा, डिजिटल लाइब्रेरी, कम्प्यूटेशनल फिजिक्स प्रयोगशालाएं तथा उन्नत शोध अवसंरचना विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं शोध कार्य के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। विभाग में आयन बीम सेंटर, 200 केवी आयन एक्सीलरेटर, स्मार्ट क्लासरूम, इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर और सेमिनार हॉल जैसी विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि एमएससी. फिजिक्स कार्यक्रम का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें विषयगत ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास, अनुसंधान क्षमता, नवाचार और उद्यमिता पर विशेष बल दिया गया है। पाठ्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स, मैटेरियल साइंस, न्यूक्लियर फिजिक्स, पार्टिकल फिजिक्स, कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स तथा कम्प्यूटेशनल फिजिक्स जैसे आधुनिक एवं रोजगारोन्मुख विषय शामिल किए गए हैं। विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट कार्य, डिसर्टेशन, इंटर्नशिप तथा वैल्यू एडेड कोर्सेज के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा।
प्रवेश के लिए पात्रता के अनुसार दो वर्षीय एमएससी. फिजिक्स कार्यक्रम में वही विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने बी.एससी. में फिजिक्स विषय के न्यूनतम 24 क्रेडिट प्राप्त किए हों तथा कुल अंकों में कम से कम 50 प्रतिशत अंक या समकक्ष सीजीपीए हासिल किया हो। वहीं एक वर्षीय एमएससी. फिजिक्स कार्यक्रम के लिए फिजिक्स में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा अथवा चार वर्षीय बी.एससी. (ऑनर्स/रिसर्च) डिग्री वाले विद्यार्थी आवेदन के पात्र होंगे। डॉ. राजेश खरब ने बताया कि विभाग नियमित रूप से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, विशेषज्ञ व्याख्यानों तथा अकादमिक-औद्योगिक सहयोग कार्यक्रमों का आयोजन करता है। रोजगार की दृष्टि से भी यह कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि एमएससी. फिजिक्स के विद्यार्थी रिसर्च साइंटिस्ट, डेटा साइंटिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट, डेटा एनालिस्ट, आरएंडडी इंजीनियर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग विशेषज्ञ, नैनो टेक्नोलॉजिस्ट, वैज्ञानिक लेखक, व्याख्याता तथा उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बना सकते हैं। विभाग द्वारा विद्यार्थियों को प्लेसमेंट, इंटर्नशिप तथा करियर मार्गदर्शन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं तथा विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट और विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल से प्राप्त कर सकते हैं।
जनसंचार, मीडिया, एनीमेशन एवं पैकेजिंग तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसरः प्रो. महासिंह पूनिया
कुवि के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश शुरू, 15 जून तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
कुरुक्षेत्र, 9 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर जा चुकी है। आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। मीडिया संस्थान के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि संस्थान पत्रकारिता, जनसंचार, डिजिटल मीडिया, एनीमेशन, ग्राफिक डिजाइन तथा प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग तकनीक जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप संस्थान में दो वर्षीय तथा एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि मीडिया और संचार उद्योग में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं, अनुभवी शिक्षकों तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों को समाचार लेखन, डिजिटल पत्रकारिता, रेडियो एवं टेलीविजन प्रोडक्शन, सोशल मीडिया प्रबंधन, फिल्म निर्माण, ग्राफिक डिजाइन, एनीमेशन, पॉडकास्ट, केयूके न्यूज, मीडिया चौपाल, पैकेजिंग डिजाइन और कॉर्पाेरेट कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
एम.ए. जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में 30 सीटें
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि संस्थान में संचालित दो वर्षीय एम.ए. जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संचालित एक वर्षीय एम.ए. जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन कार्यक्रम में 9 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसमें प्रवेश के लिए पत्रकारिता एवं जनसंचार अथवा संबंधित विषय में चार वर्षीय ऑनर्स/ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री या संबंधित विषय में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा आवश्यक है।
एमएससी. मास कम्युनिकेशन में आधुनिक मीडिया शिक्षा
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि दो वर्षीय एम.एससी. मास कम्युनिकेशन कार्यक्रम में 15 सीटें निर्धारित हैं तथा 11 सुपरन्यूमेरी सीटें उपलब्ध हैं। इसके लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। यह पाठ्यक्रम मीडिया अनुसंधान, डिजिटल कम्युनिकेशन, मीडिया प्रबंधन, कंटेंट प्रोडक्शन और नई मीडिया तकनीकों पर केंद्रित है। वहीं एक वर्षीय एम.एससी. मास कम्युनिकेशन कार्यक्रम में 10 सीटें उपलब्ध हैं। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है जिन्होंने संबंधित विषय में चार वर्षीय स्नातक डिग्री या पीजी डिप्लोमा किया है और मीडिया क्षेत्र में उच्च स्तरीय विशेषज्ञता प्राप्त करना चाहते हैं।
एनीमेशन और मल्टीमीडिया उद्योग के लिए विशेष पाठ्यक्रम
डिजिटल मनोरंजन, गेमिंग और क्रिएटिव मीडिया उद्योग में बढ़ती मांग को देखते हुए संस्थान एम.एससी. ग्राफिक्स, एनीमेशन एंड मल्टीमीडिया कार्यक्रम संचालित कर रहा है। दो वर्षीय कार्यक्रम में 15 नियमित और 11 सुपरन्यूमरेरी सीटें उपलब्ध हैं। इसके लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। इसके अतिरिक्त एक वर्षीय कार्यक्रम में 3 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसमें प्रवेश के लिए मल्टीमीडिया, ग्राफिक्स, एनीमेशन, यूआई डिजाइन, विजुअल इफेक्ट्स अथवा संबंधित विषय में चार वर्षीय डिग्री या संबंधित पीजी डिप्लोमा आवश्यक है।
प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग तकनीक में विशेषज्ञ बनने का अवसर
उद्योग जगत की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान एम.एससी. प्रिंटिंग, ग्राफिक्स एंड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी कार्यक्रम भी संचालित कर रहा है। दो वर्षीय कार्यक्रम में 15 सीटें तथा 11 सुपरन्यूमरेरी सीटें उपलब्ध हैं। यह पाठ्यक्रम आधुनिक प्रिंटिंग तकनीक, पैकेजिंग डिजाइन, ग्राफिक कम्युनिकेशन तथा उत्पादन प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करता है। एक वर्षीय कार्यक्रम में 12 सीटें निर्धारित हैं। इसमें प्रवेश के लिए प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन, मल्टीमीडिया, ग्राफिक्स एवं एनीमेशन जैसे विषयों में चार वर्षीय डिग्री या संबंधित पीजी डिप्लोमा होना आवश्यक है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है संस्थान
जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक मल्टीमीडिया स्टूडियो, मीडिया लैब, टीवी स्टूडियो, रेडियो स्टूडियो, कंप्यूटर लैब, ग्राफिक डिजाइन एवं एनीमेशन प्रयोगशालाएं, डिजिटल एडिटिंग सुविधाएं तथा प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग तकनीक से संबंधित आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। संस्थान में विद्यार्थियों को सिद्धांत के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि वे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
रोजगार और उद्यमिता की अपार संभावनाएं
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि संस्थान के विद्यार्थियों की लगभग 100 प्रतिशत प्लेसमेंट होती है। संस्थान के विद्यार्थियों की प्लेसमेंट राष्ट्रीय मीडिया हाउसों के साथ सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा सरकार और सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार में होती हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी पत्रकारिता, समाचार पत्र, टीवी चैनल, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म, विज्ञापन एजेंसियों, जनसंपर्क संस्थानों, फिल्म एवं वीडियो प्रोडक्शन हाउस, ग्राफिक डिजाइन कंपनियों, एनीमेशन स्टूडियो, पैकेजिंग उद्योग तथा कॉर्पाेरेट संचार क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थी मीडिया शिक्षक, राज्य सरकार में जनसंपर्क अधिकारी, विश्वविद्यालयों में जनसंपर्क अधिकारी, केंद्र सरकार में सूचना अधिकारी, विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों में पब्लिक रिलेशन एक्सपर्ट, राजनीतिक पार्टियों के मीडिया सलाहकार, मीडिया मैनेजमेंट एक्सपर्ट, कंटेंट मीडिया एक्सपर्ट के साथ स्वतंत्र रूप से सफलतम यूट्यूबर बन सकता है। साथ ही स्वतंत्र मीडिया उद्यमिता और डिजिटल कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में भी अपना करियर विकसित कर सकते हैं। जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान आधुनिक मीडिया शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की प्रवेश पुस्तिका तथा आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
