चंडीगढ़। हरियाणा में कॉलेज शिक्षकों को सीनियर स्केल एवं सलेक्शन ग्रेड के लिए अनिवार्य ग्रामीण सेवा की शर्त को समाप्त करने या अवधि घटाने पर सरकार विचार करेगी।
हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ की मांग पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सहमति जताते हुए कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संघ के प्रधान डॉ. राजेश रांझा ने शिक्षा मंत्री को बताया कि अनिवार्य ग्रामीण सेवा की शर्त के कारण बड़ी संख्या में पात्र प्राध्यापकों के सीनियर स्केल एवं सलेक्शन ग्रेड के मामले वर्षों से प्रभावित हो रहे हैं। या तो इस शर्त को पूरी तरह समाप्त किया जाए अथवा इसकी अवधि को घटाकर अधिकतम एक से दो वर्ष किया जाए।
इस पर शिक्षा मंत्री ने विषय को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा कर ग्रामीण सेवा की अवधि को कम करने अथवा इसे समाप्त करने के संबंध में शीघ्र सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इस विषय पर सरकार संवेदनशीलता के साथ विचार कर रही है।
महाविद्यालयों में सिर्फ 58 वर्ष है उम्र
प्रतिनिधिमंडल ने प्राध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संगठन ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है, जबकि हरियाणा के राजकीय महाविद्यालयों में यह केवल 58 वर्ष है।
