कुरुक्षेत्र, 5 जून।   अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के विस्तारित संस्करण दयालु-2 को लेकर आज जिला स्तरीय कमेटी की एक बैठक ली। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने दयालु- 2 योजना बारें विस्तार से जानकारी हासिल की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एडीसी विवेक आर्य ने कहा कि दयालु-2 योजना का उद्देश्य आवारा या बेसहारा पशुओं के हमले के कारण संकट में आए परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने संबंधित को निर्देश दिए कि योजना का लाभ तय मापदंडों के अनुसार पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना चाहिए। मृत्यु, स्थायी विकलांगता तथा गंभीर घायल होने के मामलों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करें ताकि पीड़ित व्यक्ति को सहायता स्वरूप इस योजना का लाभ जल्द व सुगमता से मिलें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच है। इसके तहत किसी सार्वजनिक स्थान पर आवारा पशुओं (जैसे गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि) के काटने या हमले के कारण होने वाली मृत्यु, स्थायी विकलांगता या गंभीर चोट की स्थिति में सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। हरियाणा सरकार की इस जनहितैषी योजना का सफल क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि दयालु-2 योजना के तहत प्रार्थी हरियाणा का निवासी व परिवार पहचान पत्र के साथ निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सरकार द्वारा दयालु-2 योजना के तहत आवारा पशुओं (जैसे गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि) के काटने या हमले के कारण होने वाली मृत्यु या स्थायी विकलांगता में सरकार ने पीडि़त की आयु के आधार पर सहायता राशि को विभिन्न वर्गों में विभाजित किया है। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष तक की आयु के लिए एक लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक की आयु के लिए दो लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक की आयु के लिए तीन लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक की आयु के लिए 5 लाख रुपये तथा 45 से अधिक आयु के लिए 3 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता पर कंपनसेशन एक्ट 1923 की सूची एक के प्रावधानों अनुसार अनुपात दिया जाएगा।
इस योजना के लिए सरकार द्वारा दयालु-2 योजना पोर्टल लॉन्च किया गया है। पीड़ित परिवार सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इस मौके पर जिला सांख्यिकी अधिकारी जसविन्द्र कौर ने बैठक में बताया कि प्रदेश में यह स्कीम 5 सिंतबर 2025 को लॉन्च की गई थी। आज की बैठक में डॉग बाइट से सम्बन्धित 31 मामले रखे गए थे। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अब तक 16 व्यक्तियों को लाभ दिया गया है। इस मौके पर सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *