करनाल, 3 जून। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सतपाल ने बताया कि 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में जिला के सभी ब्लॉकों (करनाल, घरौंडा, असंध, मुनक, निसिंग, नीलोखेड़ी, इंद्री तथा कुंजपुरा) में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ‘हर घर योग-घर-घर योग’, ‘फिट हरियाणा’, ‘हरित योग’, ‘योग युक्त-नशा मुक्त हरियाणा’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना और अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण देना है।
योग विशेषज्ञ तथा हरियाणा योग आयोग करनाल के नोडल अधिकारी डॉ. अमित पुंज ने बताया कि इसी कड़ी में आज स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा एवं नोडल अधिकारी डॉ. दिनकर की देखरेख में जिला के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा उपमंडल स्वास्थ्य केंद्रों में अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर लगाए गए। इन शिविरों में स्वास्थ्य विभाग के कुल 1,258 अधिकारियों और कर्मचारियों ने योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उन्होंने बताया कि बाल भवन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 1 जून से 21 जून तक बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिला बाल कल्याण अधिकारी मंजू चौधरी की देखरेख में चल रहे इस शिविर में आयुष विभाग की योग इंस्ट्रक्टर कुमारी गुंजन द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आज कुल 155 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें 40 लडक़े और 115 लड़कियां शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जिला कारागार करनाल में 1 जून से 21 जून तक विशेष योग शिविर चलाया जा रहा है। आयुष विभाग के योग विशेषज्ञ डॉ. अमित पुंज की देखरेख में योग इंस्ट्रक्टर मुन्ना कुमार तथा कांता द्वारा कैदियों को अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया जा रहा है। आज इस शिविर में लगभग 496 कैदियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। यह कार्यक्रम जेल अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़ के मार्गदर्शन तथा डीएसपी सुरेंद्र, डीएसपी धर्मचंद नैन और डीएसपी नीलम की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है। शिविर में कैदियों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण की शुरुआत मंत्रोच्चार से हुई, जिसके बाद सूक्ष्म व्यायाम, खड़े होकर, बैठकर, तथा पेट व पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों का अभ्यास कराया गया। इसके बाद प्राणायाम और ध्यान (मेडिटेशन) का सत्र हुआ। इस दौरान बताया गया कि मन को एकाग्र करने का सबसे उत्तम साधन ध्यान है, जो अष्टांग योग का 7वां अंग है और इसके बाद की सीढ़ी मोक्ष है, जो मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य है। मन को शांत व संतुलित रखने के लिए प्रतिदिन 10 मिनट नाड़ी शोधन प्राणायाम करने की सलाह दी गई।
डॉ. अमित ने बताया कि जिला में योग क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से कुल 181 स्थानों पर प्रतिदिन योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कक्षाएं चलाई जा रही हैं। इनमें पतंजलि योग समिति द्वारा 150, मेरा मिशन स्वस्थ भारत द्वारा 20, भारतीय योग संस्थान द्वारा 8, करण योग संस्थान द्वारा 1, हमारा मिशन स्वस्थ भारत द्वारा 1 तथा हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा 1 योग कक्षा का संचालन किया जा रहा है। इन सभी 181 कक्षाओं के माध्यम से प्रतिदिन 5,000 से अधिक योग साधक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
ब्लॉक इंचार्ज डॉ. नितिन रोहिला ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 4 जून को जिला उच्च शिक्षा अधिकारी के सहयोग से जिला के विभिन्न कॉलेजों में अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में आयुष विभाग के योग सहायक विद्यार्थियों और स्टाफ को योग का प्रशिक्षण देंगे।
