करनाल, 3 जून। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने पंचायती राज संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांवों में लाइब्रेरी की स्थापना को लेकर गति तेज करें और जहां पर जगह उपलब्ध है, वहां पर भवन निर्माण की अनुमानित लागत तैयार करें। इसके अलावा फर्नीचर व पुस्तकों की अनुमानित लागत के बारे में भी जानकारी दें। इस कार्य को प्राथमिकता से लें और जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला की सभी ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्थापित करने को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों की बैठक में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांवों में लाइब्रेरी स्थापना को लेकर सरकार पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे में सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझें और जिला की सभी 395 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्थापित करवाने के कार्य को प्राथमिकता दें। इस कार्य में लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में भवन उपलब्ध हैं, वहां पर भवन का नवीनीकरण किया जाए और फर्नीचर तथा पुस्तक जल्द से जल्द उपलब्ध करवाई जाए। इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
बैठक में डीडीपीओ कंचनलता ने बताया कि जिला में 131 ग्राम पंचायतों में पहले से ही लाईब्रेरी स्थापित हैं, 264 में लाइब्रेरी स्थापित करवाना शेष है। इनमें से 109 में भवन उपलब्ध है, जिनके नवीनीकरण की अनुमानित लागत लगभग 6 करोड़ 82 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि 155 ग्राम पंचायतों में भवन उपलब्ध नहीं है लेकिन 100 ग्राम पंचायतों में जगह उपलब्ध है। इस पर डीसी ने निर्देश दिए कि इन 100 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी भवन की अनुमानित लागत जल्द से जल्द तैयार की जाए और शेष 55 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी भवन के लिए जगह की तलाश जारी रखें।
डीसी ने बैठक में यह भी निर्देश दिए कि डी-प्लान के तहत एससी/बीसी चौपाल के निर्माण व मरम्मत कार्य को लेकर अपने-अपने ब्लॉकों की सूची जल्द तैयार की जाए और उसे अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिला में चल रहे नए तालाबों के निर्माण कार्य को भी 15 जून तक अवश्य पूरा किया जाए और उसकी जियो टैग फोटो उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि इंद्री में बन रहे स्विमिंग पूल के निर्माण कार्य को भी जून माह में अवश्य पूरा किया जाए।
बैठक में एडीसी डॉ. राहुल रईया, डीडीपीओ कंचनलता, डिप्टी सीईओ रोजी रंगा, परियोजना अधिकारी राजेंद्र कुमार, जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता प्रदीप धीमान तथा सभी बीडीपीओ अधिकारी मौजूद रहे।
