करनाल, 26 मई। एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए माय भारत द्वारा जिला में पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक्सपिरियंशल लर्निंग प्रोग्राम (ईएलपी)शुरू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ विभागों के व्यावहारिक कामकाज का अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम के तहत आईटीआई और कॉलेज के विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के साथ अटैच किया जाएगा ताकि वे इंटर्नशिप कर सकें। इस प्रोजेक्ट के तहत 40 विभागों को चिह्नित किया गया है। सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल व समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस प्रोजेक्ट को सफल बनाएं।
एसडीएम देवेंद्र शर्मा मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला युवा कार्यक्रम सलाहकार समिति की बैठक में निर्देश दे रहे थे। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर ऑनबोर्ड होने के निर्देश दिए ताकि युवा घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकें। उन्होंने रोजगार विभाग के अधिकारी का निर्देश दिए कि पंजीकृत बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार संबंधित विभागों के साथ अटैच करना सुनिश्चित किया जाए। इंटर्नशिप पूरी होने पर बच्चों को अनुभव प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। विभाग बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और पारदर्शिता के लिए जियो-टैग्ड फोटो का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट के सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें।
बैठक में एसडीएम ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत पढ़ाई पूरी होने तक बच्चों के पास कार्य अनुभव का सर्टिफिकेट भी होगा, जिससे उन्हें भविष्य में रोजगार पाने में आसानी होगी। उन्होंने विभागों से अपील की कि यदि कोई युवा स्वयं भी कोई स्किल सीखना चाहता है, तो उसे प्रोत्साहित कर उसका डेटा माई भारत पोर्टल पर भेजें।
बैठक में नगर निगम के संयुक्त आयुक्त दलजीत सिंह, डीएसपी संदीप कुमार, जिला युवा अधिकारी अंजली चौधरी, डीआईपीआरओ सत्यवान महिवाल, रेडक्रॉस सचिव कुलबीर मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, जीएम रोडवेज कुलदीप सिंह, डीडीए डॉ. वजीर सिंह, डीएफएससी मुकेश, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ सतपाल, सहायक रोजगार अधिकार सृष्टि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व विभिन्न कॉलेजों व आईटीआई के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
