करनाल, 20 मई। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने आज कुंडा कलां गांव में यमुना का दौरा कर बाढ़ बचाव कार्यों का मुआयना किया। इस गांव में यमुना में 1.73 करोड़ की लागत से 1250 फुट लंबे पांच स्टोन स्टड बनाए जा रहे हैं। श्री कल्याण ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कराएं। कहीं थोड़ी बहुत कमी नजर आए तो उसे भी दूर किया जाए। स्थानीय लोगों का यदि कोई सुझाव आता है तो उस पर भी गौर करें।
सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता (एसई) ने इस मौके पर बताया कि हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक में लिए निर्णय अनुसार जिला में अकेले सिंचाई विभाग द्वारा शेरगढ़ टापू से सदरपुर तक यमुना क्षेत्र में दस स्थानों पर काम जारी है। इंद्री विधानसभा क्षेत्र में 8.95 करोड़ और घरौंडा में 15.25 करोड़ से बाढ़ बचाव कार्य कराए जा रहे हैं। कुंडा कलां में 1.73 करोड़ की लागत से 5 नए स्टोन स्टड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। 250 फुट क्षेत्र में पुनरुद्धार (रेवेटमेंट)का कार्य जारी है। पत्थर की आपूर्ति दादरी से हो रही है। निर्धारित समय के अंदर काम पूरा कर लिया जाएगा।
श्री कल्याण ने कहा कि बारिश के मौसम में हर साल यमुना में पानी के तेज बहाव के कारण अलग-अलग स्थानों पर भूमि कटाव हो जाता है। कई बार बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। बदलते जलवायु परिवर्तन के दृष्टिगत और सजग रहने की जरूरत है। सरकार इस बात के लिए गंभीर है कि यमुना में बाढ़ के लिए फसलों व जान-माल का नुकसान न हो। जरूरत अनुसार न केवल नए स्टड्स बनाए जा रहे हैं बल्कि पुरानों की मरम्मत भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यमुना के साथ लगते गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए स्टड लगाने, नालों की सफाई आदि पर जिला में 35 करोड़ के कार्य जारी हैं। घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा 6 स्थानों पर 25 करोड़ के कार्य जारी हैं। उन्होंने कुंडा कलां में मौके का मुआयना भी किया। उन्होंने बाढ़ बचाव के लिए चल रहे कार्यों पर संतोष जताया और कहा कि अधिकांश कार्यों को मई अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। पांच-सात प्रतिशत यदि काम बचा भी तो उसे 15 जून तक संपन्न कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिलकर व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना है ताकि जनहित में सरकार का पैसा ठीक तरह से लगे और लोगों को अधिकाधिक सुविधाएं हासिल हो सकें।
इस मौके पर करनाल के एसडीएम देवेंद्र शर्मा, सिंचाई विभाग के एसई संजय राहर, कार्यकारी अभियंता मनोज कुमार, एसडीओ करनैल सिंह, बीडीपीओ गुरमलक सिंह तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
यह समय राजनीति करने का नहीं
बाद में पत्रकारों द्वारा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों संबंधी पूछे गए एक सवाल पर कहा कि कुछ समस्याएं वैश्विक स्तर की होती हैं। पिछले सालों में राष्ट्र ने कोरोनाकाल को जीता है। उस समय अधिकांश देशों की वित्तीय स्थिति डांवाडोल थी। उसके कारण अनेक कार्य प्रभावित भी हुए। आज युद्धग्रस्त कई देश ऐसे हैं जहां तेल का व्यापक भंडार है। युद्ध के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इन परिस्थितियों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संकट के समय तेल बचाने और विदेश यात्राओं में कटौती, वर्क फ्रॉम होम की अपील की है। सभी को एकजुट होकर प्रधानमंत्री की अपील पर गौर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज समय तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीति करने का नहीं है।
