हर बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आना बेहद चिंताजनक है। इससे न केवल मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद होता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यह सिर्फ एक सामान्य गलती नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की सीधी नाकामी को दर्शाता है।
आज लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन कुछ भ्रष्ट तत्वों और लापरवाही के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। बार-बार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठता जा रहा है, जो किसी भी राज्य और समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
युवा जेजेपी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष जसविंदर खैहरा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय होगा।
युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
