पानीपत। प्रेम प्रसंग में कुशल की हत्या की गुत्थी राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रविवार तक सुलझा ली है। प्रेमिका के तीन भाई अंकित, अमित और अंशु ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
आरोपितों ने बताया कि 4 मई को मुंडलाना रेलवे स्टेशन से कुशल का अपहरण कर उसी रात गोहाना के गांव रभड़ा के पास खेतों में डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को झाड़ियों में छिपाकर सभी फरार हो गए थे। हत्या में शामिल दो आरोपित अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में जीआरपी कई शहरों में दबिश दे रही है।
कुशल पिछले करीब 15 दिनों से अपने गांव जसिया में ही रुका हुआ था। इसी दौरान प्रेमिका के स्वजन ने उसकी हत्या की साजिश रच ली थी। चार मई को जैसे ही कुशल जसिया स्टेशन से पैसेंजर ट्रेन में पानीपत के लिए रवाना हुआ, आरोपितों को उसकी लोकेशन मिल गई।
आरोपितों ने क्या बताया?
आरोपितों ने बताया कि ट्रेन के मुंडलाना स्टेशन पहुंचते ही दो युवक कुशल को जबरन ट्रेन से नीचे खींचकर स्टेशन के बाहर ले आए। वहां कार में प्रेमिका के तीन भाई बैठे थे। आरोपितों ने कुशल को कार में डाल लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
इसके बाद सभी आरोपित उसे गोहाना के गांव रभड़ा स्थित अपने मामा के घर के पास खेतों में ले गए। उसी रात को खेतों के पास पीपल के पेड़ के नीचे कुशल को डंडों से बेरहमी से पीटा। आरोपितों ने उसके सिर, शरीर और चेहरे के साथ हाथ पर वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद शव को करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में छिपा दिया। यहां से सभी फरार हो गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मामा के घर पर पहले से ही हत्या के लिए स्थान और डंडों की व्यवस्था कर ली गई थी। आरोपितों की मामी मंजू और उसके बेटों पर भी साजिश में शामिल है।
चार दिन झाड़ियों में पड़ा रहा शव, कुत्ते नोंच ले गए हाथ
कुशल का शव रभड़ा गांव के पास झाड़ियों में करीब चार दिन तक पड़ा रहा। इस दौरान आवारा कुत्ते उसके एक हाथ का पंजा नोच ले गए थे। आसपास के लोगों को भी कई दिनों तक इस बात का पता नहीं चल पाया कि झाड़ियों में किसी युवक का शव पड़ा है।
जीआरपी की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि हत्या के बाद उन्होंने शव को इस तरह छिपाया था कि किसी को शक न हो। आरोपितों ने बताया कि उनके परिवार के लोग कुशल को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे। उन्हें करीब ढाई साल पहले दोनों के प्रेम संबंधों की जानकारी मिली थी, जब युवती कुशल के साथ घर से चली गई थी। तभी से परिवार में रंजिश बनी हुई थी।
फरार दो आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश
जीआरपी इस मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है। इनमें एक आरोपित मामा का बेटा और दूसरा उसका दोस्त है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से कई शहरों में दबिश दे चुकी है। जीआरपी इस हत्या में युवती की मां निर्मला, मामी मंजू को 8 मई को जेल भेज चुकी है। जबकि भाई अंकित, अमित और अंशु को रविवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
