कुरुक्षेत्र, 8 मई। तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब गुरुद्वारा साहिब में परंपरा अनुसार शब्द कीर्तन, अरदास और आरती के बाद श्री गुरु गोबिंद जी महाराज के शस्त्रों को इतिहास के साथ दिखाया गया। इन शस्त्रों को देखकर श्रद्धालुओं ने जहाँ अपना शीश नवाया, वहीं अपने प्राचीन इतिहास को देखकर गौरवान्वित महसूस किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी धार्मिक एवं तीर्थ यात्रा के हर क्षण के साथ जुड़े हुए है। इस यात्रा में हर श्रद्धालु की सुविधा के बारे में भी फीडबैक ले रहे है।  इस धार्मिक यात्रा में तीसरे दिन देर सायं सभी श्रद्धालुओं ने सचखंड श्री हजूर साहिब में जाकर श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी को शीश नवाया और शब्द कीर्तन का आनंद लिया।
सचखंड साहिब में मुख्य ग्रंथियों ने अरदास की और आरती का जाप किया। इसके बाद श्री गुरु गोबिंद जी महाराज के शस्त्रों को इतिहास के साथ श्रद्धालुओं को दिखाया गया। इस दौरान दरबार साहिब में रख गए महाराजा रणजीत सिंह के शस्त्रों को भी दिखाया गया। इन प्राचीन शस्त्रों को आज भी सजाया जाता है ताकि युवा पीढ़ी को अपने गुरुओं के इतिहास और कुर्बानियों के बारे में पता चल सके और देश व समाज के प्रति सेवा भाव पैदा हो सके।
शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने श्री हजूर साहिब नांदेड के आसपास के गुरुद्वारों जिनमें नगीना घाट,बाबा निदान सिंह लंगर साहिब, बाऊली दमदमा साहिब, गुरुद्वारा संगत साहिब, गुरुद्वारा बाबा बंदा घाट साहिब,गुरुद्वारा माता साहिब कौर, गुरुद्वारा शिकार घाट साहिब आदि शामिल है, के भी दर्शन किए और पवित्र नदी गोदावरी के जल का आचमन किया। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डा. नरेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार सभी श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं तीर्थ यात्रा करवाई जा रही है। सभी संगतों मे सचखंड श्री हजूर साहिब व आसपास के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शन किए है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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