अंबाला शहर। निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच भाजपा मेयर प्रत्याशी अक्षिता सैनी के पति कुलदीप सैनी ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर नामांकन पत्र और वैवाहिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।
कुलदीप सैनी का आरोप है कि नामांकन पत्र में अक्षिता ने पिता का नाम दर्ज किया, लेकिन पति के कालम को खाली छोड़ा है। कुलदीप ने कहा कि जब मैं पति ही नहीं तो हमारी बेटी कहां से आई? हम दोनों के बीच तलाक नहीं हुआ है। वहीं, अक्षिता द्वारा लगाए गए दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज किया।
पारिवारिक विवाद को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जा सकता
कुलदीप का कहना है कि अक्षिता लंबे समय से ससुराल में नहीं रह रही। ऐसे में उत्पीड़न के आरोप निराधार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विवाह के दौरान कुछ स्वास्थ्य संबंधी तथ्यों को उनसे छिपाया गया, बावजूद इसके उन्होंने रिश्ते को निभाने का प्रयास किया। कुलदीप ने खुद के भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि पारिवारिक विवाद को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
अक्षिता के नामांकन पत्र में पति का नाम नोट एप्लीकेबल लिखा और नोमिनी में बेटी का नाम लिखने पर कांग्रेस ने आपत्ति भी जताई थी। सवाल किए थे कि जब पति नहीं है तो बेटी कहां से आई? अधिकारियों ने इन आपत्तियों को तवज्जो नहीं दी थी और आपत्ति खारिज कर दी थी। इस बारे में अक्षिता सैनी के पिता के मोबाइल पर काल की तो अक्षिता के भाई ने काल रिसीव की। उन्होंने कहा कि यह पर्सनल इश्यू हैं।
पति ही नहीं तो मैं ही क्यों झेलूं
कुलदीप ने कहा कि अक्षिता मेयर बनकर जनता की सेवा करे और वह जिला पंचायत सदस्य बनकर सेवा करेंगे, लेकिन पारिवारिक विवाद को राजनीति में नहीं लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं मानवाधिकार आयोग से भी पूछना चाहूंगा कि अगर मैं पति ही नहीं हूं तो यह सारी चीजें मेरे ऊपर क्यों? मैं तारीख झेलता रहूं, अपना समय बर्बाद करता रहूं। एक अध्यापक हूं यदि उस समय को बच्चों के साथ लगाऊंगा तो आने वाली पीढ़ियों को सुधार पाऊंगा जोकि मेरा शौक है।
