एचपीवी टीकाकरण अभियान को अधिकारी गंभीरता से ले और प्रोग्रेस दिखाए।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण लड़कियों के लिए अनिवार्य
करनाल, 27 अप्रैल। 
 उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान को गंभीरता से ले और प्रोग्रेस दिखाए। एचपीवी टीकाकरण की भ्रांतियों को करें दूर, सकारात्मक परिणामों के बारे जानकारी दें। अगर कहीं पर कोई दिक्कत सामने आ रही है इस बारे प्रशासन को अवगत करवाएं। जिला प्रशासन द्वारा उसका समाधान किया जाएगा। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण इस कार्य में 14 व 15 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों के लिए अनिवार्य। इस आयु वर्ग की लड़कियों को जब ये टीकाकरण हो जाएगा तो वे इस घातक बीमारी से बच सकेंगी। यह जन हित और देश हित में है।
डीसी सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से 14 व 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की गति को तेज किया जाए और लक्षित शत प्रतिशत लड़कियों का टीकाकरण करवाया जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में आईसीई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो प्लान बनाकर कार्य करें और विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करें।
उन्होंने बैठक में बीडीपीओ को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों और पंचों के माध्यम से जागरूकता लाएं। जब टीकाकरण शुरू हो, तो गांवों में मुनादी करवाई जाए ताकि कोई भी पात्र बच्ची छूट न जाए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जमीनी स्तर पर महिलाओं को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को एचपीवी टीकाकरण के लिए जागरूक करें और वे स्वयं भी उक्त आयु वर्ग की अपनी बेटियों व अन्य लड़कियों तथा उनके अभिभावकों को भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें।

बॉक्स: प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं के मुखिया व अन्य शिक्षक छात्राओं व उनके अभिभावकों को एचपीवी टीकाकरण बारे करें जागरूक: डीसी
उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा ने प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं के संचालकों व उनके मुखियाओं के साथ लघु सचिवालय के सभागार में बैठक की ओर कहा कि महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर एक खतरनाक व जानलेवा बीमारी है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत मई माह के अंत तक निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं के संचालक सहयोग करें। उन्होंने अपील की कि प्राईवेट शिक्षण संस्थाओं के मुखिया व अन्य शिक्षक, विशेषकर महिला शिक्षक छात्राओं व उनके अभिभावकों को एचपीवी टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करें और बताएं कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण 14 व 15 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों के लिए अनिवार्य हैं। इस टीके का कोई साईड इफेक्ट नही है। इस अभियान के सफल आयोजन के लिए प्रशासन को अपना सहयोग दें और अपने-अपने स्कूलों में जागरूकता कैंप लगाए।
इस मौके पर कार्यवाहक सीएमओ डा. शशि गर्ग, डा. अभय, जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, खण्ड शिक्षा अधिकारी करनाल संजीव कुमार, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन लांबा सहित प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं के मुखिया मौजूद रहे।

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