करनाल, 13 मार्च। एमएसएमई-विकास कार्यालय की सहायक निदेशक मीतू सरोवा ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत शुक्रवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में एक दिवसीय विपणन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों, कारीगरों एवं लाभार्थियों को उद्यमिता विकास, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद पैकेजिंग, बैंकिंग सुविधाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के संबंध में व्यावहारिक एवं उपयोगी जानकारी प्रदान करना रहा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिभागियों को उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया गया। इसके उपरांत सहायक निदेशक मुकेश वर्मा ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं एमएसएमई मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से पीएम विश्वकर्मा योजना, उद्यम पंजीकरण तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं के लाभ पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया। कार्यक्रम में राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य राकेश भाटिया ने उद्यमिता विकास, कौशल उन्नयन तथा स्वरोजगार के अवसरों पर विचार साझा किए और कारीगरों को तकनीकी दक्षता के साथ व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में अग्रणी जिला प्रबंधक एस.के. हंदुजा ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण प्रक्रिया, वित्तीय साक्षरता तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, एफपीओ एवं स्वयं सहायता समूह के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ऋण आवेदन प्रक्रिया से जुड़े प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बैंकिंग प्रणाली से जुडऩे के व्यावहारिक उपाय बताए। कार्यक्रम में एफएलसी आर.के. मंडल, पंजाब नेशनल बैंक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग सेवाओं, बचत की आदत, ऋण प्रबंधन तथा औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की।
डिजिटल मार्केटिंग एवं उत्पाद पैकेजिंग विषय पर जिला संसाधन व्यक्ति कुरुक्षेत्र विकास कश्यप द्वारा विशेष सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार छोटे उत्पाद भी प्रभावी ब्रांडिंग, गुणवत्ता एवं निरंतर विपणन रणनीति के माध्यम से बड़े नाम बन सकते हैं। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन बिक्री प्लेटफॉर्म के महत्व से अवगत कराया गया तथा कुछ प्रतिभागियों का मीशो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण भी कराया गया, ताकि वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकें। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा ऋण प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं, विपणन, ऑनलाइन बिक्री तथा पंजीकरण से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनका संबंधित अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।
