मुलाना। गांव कालपी में वीरवार देर रात पशु चोरी करने आए बदमाशों ने तेजधार हथियार से बुजुर्ग जयदयाल की जान ले ली और एक अन्य बुजुर्ग रामरत्न को जख्मी कर दिया। पशु चोर बदमाश पहले जयदयाल के बाड़े में गए थे। वहां से उसके पशु चुराए और कैंटर में लाद दिए। यहां पर जयदयाल जाग गया था और विरोध करने पर बदमाशों ने उस पर गंडासी से वार किया। जयदयाल की मौत हो गई।
पशु चोर और पास ही रामरत्न के बाड़े में आ गए थे। वहां भी पशु चोरी करने का प्रयास करने लगे लेकिन यहां पर उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए और वहां से भागने में सफल रहे। गाड़ी की रफ्तार ज्यादा होने के कारण हाईवे पर गाड़ी पलट गई और मौके से पशुपालक फरार होने में सफल रहे।
लोगों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग की
शोर सुनकर उसका भाई रामेश्वर आ गया। वारदात में जयदयाल व रामरत्न को अस्पताल ले जाया गया। यहां पर डाक्टर ने जयदयाल को तो मृत घोषित कर दिया, जबकि रामरत्न का उपचार किया जा रहा है। जयदयाल की मौत की खबर जब उसके स्वजनों को लगी, तो आक्रोश फैल गया। वारदात की सूचना मिलने के बाद डीएसपी सुरेश मौके पर पहुंचे।
उन्होंने स्वजनों से बातचीत की और घटना की जानकारी ली। फारेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने भी कुछ सुबूत जुटाए। यहां पर उन्होंने आसपास कुछ लोगों से भी जानकारी ली और कैंटर नंबर भी लिया। शातिरों की तलाश में पुलिस जुटी है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि रात की गश्त बढ़ाई जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पशुओं के पास ही सो रहा था
घायल रामरत्न (70 वर्ष) निवासी गांव कालपी ने बताया कि उसका घर गांव की आबादी के बीच में है, जबकि पशुओं का बाड़ा गांव की फिरनी पर कालपी–नोहानी रोड के पास स्थित है। रोजाना की तरह वह पशुओं की देखभाल के लिए रात को बाड़े में ही सो जाता है। 12 मार्च की रात करीब नौ बजे वह घर से खाना खाकर पशुओं के पास गया। वहां उसने भैंसों को चारा डाला और बाड़े का गेट बंद करके सो गया। रात करीब एक बजे उसे अचानक बाड़े का गेट खुलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर उसकी आंख खुल गई।
जब वह उठकर देखने लगा तो उसने देखा कि कुछ युवक बाड़े के अंदर घुस आए थे और उसकी भैंसों की रस्सियां खोलने की कोशिश कर रहे थे। उसने आवाज लगाई तो उन पर हमला कर दिया।
एक युवक ने अपने हाथ में पकड़ी गंडासी से उसके सिर और माथे पर वार किया, जबकि अन्य युवकों ने डंडों से उस पर हमला करना शुरू कर दिया। उसने आरोपितों से गंडासी छीन ली थी। उसने आरोपितों की गाड़ी पर पत्थर भी मारे जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया था। शोर मचाया तो आरोपित फरार हो गए। कालपी के सरपंच रिंकू ने कहा कि जयदयाल हमेशा पशुओं के पास ही सोते थे।
हाईवे पर पलटा पशुओं से लदा कैंटर, वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी चोरी की थी
वारदात के बाद बदमाश भैंसों को पिकअप में लादकर भाग गए लेकिन गाड़ी हाईवे पर पलट गई। पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक आरोपित अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों के रास्ते फरार हो गए। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये बदमाश पहले भी इन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी चोरी की थी।
हादसे के बाद पुलिस के पहुंचने से पहले ही घायल बदमाश गाड़ी छोड़कर खेतों की तरफ भाग निकले। ग्रामीणों ने कुछ दूरी तक वाहन का पीछा भी किया। पुलिस का कहना है कि कैंटर को नारायणगढ़ से चोरी किया गया था।
