होली के बाद पहले बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने मंदिर में मत्था टेका और ताजा बने खाने का भोग लगाया। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस नदारद दिखी।
रेवाड़ी में सोमवार को बासौड़ा पर्व के बाद आज बुधवार को शहर के कुतुबपुर स्थित बुद्धो माता मंदिर में मेले का आयोजन किया गया। मेले में दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने बुद्धो माता मंदिर में मत्था टेका और ताजा बने खाने का भोग लगाया। जिस प्रकार होली के बाद पहले सोमवार को बासौड़ा पर्व मनाया जाता है उसी प्रकार बुधवार को बुद्धो माता का पूजन किया जाता है। घर में सुख समृद्धि की कामना के लिए बुद्धों माता पूजी जाती है। इसी कड़ी में कुतुबपुर स्थित प्राचीन श्री बुद्धों माता मंदिर में मेले का आयोजन किया गया। जिसमें सुबह से ही सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओ ने प्रसाद चढ़ाया और मन्नते मांगी। मंदिर के सेवादार फूलवती, अनिता, योगिता तथा संजय प्रजापति प्रधान आदि ने बताया कि प्रत्येक वर्ष होली के आठ दिन बाद पहले बुधवार को प्राचीन ऐतिहासिक बुद्धों माता मंदिर में विशाल मेला भरता है जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और ताजा बने पकवान जैसे गुलगुले पूड़े, हलवा पूरी, मीठे चावल और रोटी आदि का भोग लगाया जाता है जिससे माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। कुतुबपुर स्थित प्राचीन ऐतिहासिक श्री बुद्धो माता मंदिर में भक्त लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। उन्होंने बताया कि मेले में रात बारह बजे बाद से भक्तों की भीड़ शुरू हो जाती है जो आज पूरे दिन चलेगी। इसी प्रकार लगातार एक महीने प्रत्येक बुधवार को मेला आयोजन का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं मेले के दौरान पुलिस प्रशासन की बड़ी लापरवाही नजर आई। मंदिर मेला कमेटी की माने तो बार बार फोन करने के बावजूद भी थाना रामपुरा पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई सहयोग नहीं मिला। हालांकि मेले में दो पुलिसकर्मी भेजे गए लेकिन थोड़ी देर बैठ कर वे भी नदारद हो गए। जबकि मंदिर कमेटी ने मेले को लेकर पुलिस प्रशासन से अनुमति मांगी थी बावजूद इसके पुलिस की ओर से मेले में ना पहुंचना बड़ी कोताही रही।
रेवाड़ी के दो सौ साल पुराने प्राचीन श्री बुद्धो माता मंदिर में बुधवार को मेले का आयोजन किया गया। मेले में माता के दर्शनों को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर बुद्धो माता को ताजा बने खाने का भोग लगाया। घर में सुख समृद्धि की कामना के लिए बुद्धो माता पूजी जाती है। मंदिर के सेवादार बलबीर ललिता फूलवती आदि ने बताया कि हर साल होली के बाद पहले बुधवार को कुतुबपुर स्थित ऐतिहासिक बुद्धो माता मंदिर में मेला भरता है जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए आते हैं और ताजा बने खाने गुलगुले, पूड़े और मीठे चावल आदि का भोग लगाते हैं। होली के बाद लगातार आठ बुधवार तक मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें आसपास के साथ दूरदराज से श्रद्धालु मनोकामना लेकर मंदिर आते है और बुद्धो माता मंदिर में प्रसाद चढ़ाते है। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। मेले में मनोरंजन के लिए झूले बच्चों के लिए खिलौने और खाने पीने की स्टालें भी लगाई गई।
