-केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में योगदान देने वाले राज्यों में हरियाणा दूसरे स्थान पर – मुख्यमंत्री
– शोध को किसानों तक अतिशीघ्र पहुंचाना जरूरी – मुख्यमंत्री
– मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन
– मुख्यमंत्री ने कृषि विकास मेले में प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
हिसार: 28 फरवरी
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा लाडवा (कुरुक्षेत्र) की अनाज मंडी परिसर में आयोजित दो दिवसीय कृषि विकास मेला का शुभांरभ हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने की। मेले में पहुंचने पर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों और आम नागरिकों का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने सम्बोधन में कहा कि कुरुक्षेत्र जिले के मथाना गाँव में 10 एकड़ भूमि पर जैविक कृषि व आधुनिक प्रबन्धन प्रणाली का संस्थान स्थापित किया जायेगा। इस संस्थान का नाम सुक्रीत – एक उत्कृष्टता केंद्र होगा। उन्होंने बताया कि यह संस्थान कृषि व ग्रामीण आंचल में उद्यमिता का प्रेरणा स्थल बनेगा। यह संस्थान चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के तत्वाधान में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शोध को लेब तक सीमित न रखे, बल्कि किसानों तक पहुंचाए। किसान –  वैज्ञानिक का सीधा संवाद होना चाहिए। उन्होनें जल संरक्षण एवं तकनीक आधारित कृषि पर भी जोर दिया। उन्होनें बताया कि प्रदेश में फसल अवशेष एवं पराली प्रबंधन के लिए एक लाख से ज्यादा मशीन देने का काम किया है। उन्होने कहा कि किसानों को कोई नकली बीज, कीटनाशक न दे, इसके लिए हरियाणा सरकार ने कानून बनाया है। उन्होनें किसान हितैषी सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया।
उन्होने बताया कि हरियाणा के गठन के समय प्रदेश का खाधान्न उत्पादन मात्र 25.92 लाख टन था जो 2024-25 में बढकऱ 206 लाख टन हो गया। जिससे हरियाणा प्रदेश खाद्यान्न में न केवल आत्मनिर्भर हुआ है बल्कि यह केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में महत्वपूर्ण योगदान भी देता है। इसका श्रेय चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों और प्रदेश के किसानों को जाता है। हरियाणा केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में योगदान देने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। हरियाणा बासमती चावल के लिए भी विशेष रूप से विख्यात है तथा देश के 60 प्रतिशत से अधिक बासमती चावल का निर्यात केवल हरियाणा से ही होता है। हरियाणा राज्य बाजारे, दलहन व तिलहन के उत्पादन में भी देश भर में अग्रणी है तथा यह सब हरियाणा सरकार व केंद्र सरकार की नीतियों, वैज्ञानिकों के द्वारा किए गए शोध कार्यों व किसानों की कड़ी मेहनत का फल है।
उन्होंने कहा कि मृदा की उर्वरा शक्ति को बरकरार रखने तथा ज़हर मुक्त खेती के लिए सीमित मात्रा में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग करने के लिए किसानों को जागरूक करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों एवं रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से विभिन्न प्रकार की बीमारियों बढ़ रही हैं, इसलिए प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रशिक्षण देने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को परंपरागत फसलों के स्थान पर दलहनी, तिलहनी एवं बागवानी फसलों की प्राथमिकता देनी चाहिए। एआई और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का कृषि क्षेत्र में प्रयोग बढऩे से किसानों को सभी प्रकार की जानकारियां उपलब्ध हो सकेंगी जिससे उनके समय और धन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि कृषि विकास मेले में किसानों को नवीनतम तकनीकों के उपकरणों, उन्नत किस्मों के बीजों एवं कृषि क्षेत्र से संबंधित तमाम जानकारियां मिलेंगी जिससे उनके अनाज उत्पादन में और इजाफा होगा। उन्होंने प्रदेशभर से आए अनेक प्रगतिशील किसानों को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास मेले में तीन लक्की ड्रा निकालें जिसमें कैथल के जवींदर सिंह का ट्रेक्टर, यमुनानगर से राजेश कुमार का रोटावेटर, व कुरूक्षेत्र से सुरजीत सिंह की डीएसआर मशीन निकले।
2047 तक हम कृषि की सभी जरूरतों में आत्मनिर्भर बने, चाहे वह दलहन हो या तिलहन हो – कृषि मंत्री
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन, मुर्गी पालन, सूअर पालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, खुंबी उत्पादन और सब्जियों की काश्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे ऐसा करके अपनी आमदनी में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने एवं उद्यमिता की ओर अग्रसर करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावशाली ढंग से लागू किया गया है। इन योजनाओं में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, किसान केडिट कार्ड, मेरा पानी -मेरी विरासत, भावांतर भरपाई योजना तथा मेरी फसल मेरा ब्यौरा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय किसानों को उन्नत किस्मों के बीज, विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण, मिट्टी- पानी की जांच तथा मौसम सहित तमाम अन्य आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध करवाकर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि 2047 तक हम कृषि की सभी जरूरतों में आत्मनिर्भर बने, चाहे वह दलहन हो या तिलहन हो।
प्रदेश के खाधान्न उत्पादन बढ़ोतरी में एचएयू का अहम् योगदान – कुलपति
कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने मेले में सभी का स्वागत करते हुए बताया कि कुलपति ने कहा कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में कैंपस से बाहर पहली बार लाडवा, कुरुक्षेत्र में कृषि विकास मेले का आयोजन कर रहा है। उन्होनें विश्वविद्यालय द्वारा गत वर्षों के दौरान अर्जित की गई उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होनें बताया कि प्रदेश में हरित एवं श्वेत क्रांति लाने व खाधान्न उत्पादन में बढ़ोतरी करने में विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि कृषि विकास मेले में विश्वविद्यालय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा निजी क्षेत्र कि संस्थाओं द्वारा 150 से अधिक कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी लगाई गई हैं। मेले में आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, किसानों के लिए लकी ड्रा, प्रगतिशील किसानों का सम्मान, उन्नत किस्म के बीजों और नवीनतम तकनीक की जानकारी, मिट्टी एवं पानी के नमूनों की जांच, रोग ग्रस्त फसलों की जांच एवं निदान, फसल प्रतियोगिता, गृह विज्ञान संबंधी जानकारी, कृषि विशेषज्ञों के साथ प्रश्नोत्तरी, खरीफ फसलों एवं सब्जियों के उन्नत किस्मों के बीज की जानकारी और बिक्री, विश्वविद्यालय के प्रकाशनों की बिक्री तथा हरियाणवी संस्कृति पर आधारित संस्कृति कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव, पंकज अग्रवाल ने किसानों से अनुरोध किया कि वे अपनी फार्मर आईडी जरुर बनवायें। फार्मर आईडी बनवाने से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के कल्याणार्थ क्रियान्वित की जा रही योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे आर्गेनिक खेती एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें। इस अवसर पर हकृवि के वैज्ञानिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी के अलावा भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *