-भाजपा के जिलाध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी ने तीसरे दिन सांग महोत्सव का किया शुभारंभ
भाजपा जिलाध्यक्ष ने सांगियों के साथ किए विचार साझा, सांगियों को किया सम्मानित
कुरुक्षेत्र, 25 फरवरी।
 भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी ने कहा कि प्रदेश में सांग सबसे प्राचीन और परंपरागत विधा है। इस सांग विधा से प्रदेश की संस्कृति और विरासत का अटूट संगम है। इस प्राचीन संस्कृति को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार काम कर रही है। इतना ही नहीं सांग विधा की पूरे विश्व में एक विशेष पहचान है।
भाजपा के जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी बुधवार को हरियाणा कला परिषद के भरतमुनि रंगशाला के सभागार में सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, डीआईपीआरओ डा. नरेंद्र सिंह, पद्मश्री महाबीर गुड्डू, राष्ट्रपति अवार्डी प्रेम देहाती, प्रो. रामनिवास शहरावत, डा. हनीफ खान ने प्रसिद्ध सांगी धनपत सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान भारत जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह ने कलाकारों को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि  हरियाणा लोक कला सांग के समृद्ध इतिहास का गौरव प्राप्त है। सांग एक सशक्त विधा है जो नृत्य, संगीत, अभिनय, संवाद और प्रस्तुति को मिलाकर रचनात्मक संदेश देती है और सामाजिक सरोकारों को संबोधित करती है। धनपत सिंह सांगी स्मृति पुरस्कार योजना के अंतर्गत चल रहे पांच दिवसीय सांग महोत्सव के तीसरे दिन सांगी समंदर सिंह, कृष्ण लाल, स्वामी कर्ण सिंह, वेदप्रकाश अत्री और कृष्ण कुमार ने सांग मंचन कर हरियाणवी लोक विधा का सजीव चित्रण किया।
भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी ने कहा कि प्रदेश की सांग जैसी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए सरकार की तरफ से सांग महोत्सव का अनोखा मंच दिया है। इस मंच पर प्रदेश भर से करीब 25 सांग के ग्रुप के कलाकारों ने युवा पीढ़ी के समक्ष सांग जैसी विधा को अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया है। यह कलाकार ही सांग जैसी विधा को संरक्षित करने का काम कर रहे है और इन कलाकारों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रोत्साहित करने का काम कर रहे है।
डीआईपीआरओ डा.नरेन्द्र सिंह ने भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी को स्वच्छ पर्यावरण बनाएं रखने के लिए एक पौधा भेंट किया और पद्मश्री डा. महावीर गुड्डू ने पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी ने सांग के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि इस सांग की विधा से कलाकार समाज की कुरीतियों से बचने का संदेश देने के साथ-साथ समाज में भाईचारा बनाए रखने की भावना का संदेश भी देते है। इस विधा को युवा पीढ़ी के लिए सहेजने के उद्देश्य से ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार जनसम्पर्क विभाग की तरफ से सांग महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया है। इस सांग महोत्सव का आयोजन प्रसिद्ध सांगी धनपत सिंह सांगी की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। इस सांग की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहने वाली टीम को मुख्यमंत्री 1 लाख रुपए की राशि देकर सम्मानित करेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार ही सांग महोत्सव में भाग लेने वाली टीमों को आर्थिक सहायता के रूप में 30-30 हजार की राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। यह सभी प्रयास केवल हरियाणा की सांग विधा को जीवित रखने के लिए किए जा रहे है। इस सांग में कलाकारों ने अपने रोल में पूरी जान फूंकने का काम किया है। जिसके चलते ही इस सांग को देखने के लिए दूर दराज से दर्शक पहुंचे है। इन दर्शकों के माध्यम से ही सांग विधा का संदेश घर-घर तक पहुंचेगा और सरकार का मकसद भी पूरा होगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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