जिला परिषद सीईओ शंभू राठी ने दयालु-2 योजना को लेकर आयोजित  बैठक की करी अध्यक्षता
प्रदेश सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना दयालु-2 की करी शुरुआत
पीड़ित परिवार सीधे ऑनलाइन करें आवेदन, मृत्यु की अवस्था में मृत्यु प्रमाण पत्र व डीडीआर की कॉपी जरूरी
आयुवर्ग के अनुसार अलग-अलग सहायता राशि तय
कुरूक्षेत्र, 29  जनवरी।
 जिला परिषद के सीईओ शंभू राठी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जन कल्याण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना दयालु-2 की शुरुआत की है। अब आवारा व बेसहारा पशुओं गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधे के कारण होने वाली अनहोनी में पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को हरियाणा राज्य का निवासी होना अनिवार्य है। लाभार्थी का नाम परिवार पहचान पत्र में दर्ज होना चाहिए। यह योजना तब प्रभावी होगी जब पशु हमले का हादसा हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर हुआ हो।
जिला परिषद के सीईओ शंभू राठी ने पंचायत भवन में जिला स्तरीय कमेटी की आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस दयालु-2 योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आवारा या बेसहारा पशुओं के काटने या हमले पर आर्थिक मदद दी जाएगी। किसी व्यक्ति की मृत्यु या स्थायी विकलांगता होने पर पीड़ित या उसके आश्रित परिवार को सहायता मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मृत्यु, दिव्यांगता या घायल होने के मामलों का निपटान प्राथमिकता के आधार पर और समय सीमा के भीतर किया जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा आवारा पशु व कुत्ते के कारण हुई दुर्घटना की एफआईआर/डीडीआर बिना किसी देरी के रिर्कोड की जाए तथा आवश्यक जांच की जाए व साक्षी का बयान दर्ज किया जाए। पुलिस को अपनी कार्यवाही घटना के 30 दिनों के अंदर समाप्त करने को कहा। पोर्टल पर अपलोड किए सभी आवेदनों की एफआईआर/डीडीआर  की प्रमाणित कॉपी जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने उप-सिविल सर्जन से वार्ता में कहा कि स्वास्थ्य विभाग दिव्यांगता का प्रमाण जारी करते समय दिव्यांगता के साथ उसके कारण का भी वर्णन करे। कुत्ते के काटने की अवस्था में डॉक्टरी जांच करते समय दांतों के निशान व घाव का वर्णन जरूर करे और पोर्टल पर अपलोड किए सभी आवेदनों की प्रमाणित कॉपी जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। मीटिंग के दौरान कुल 25 केसों को जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में रखा गया। जिसमें तीन केस गलत आवेदन किए गए थे, जिस पर भविष्य मे गलत आवेदन करने वाले के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने के आदेश दिए।
इस मौके पर डीएसपीए डीप्टी सिवल सर्जन, तहसीलदार शाहबाद, नगर पालिका थानेसर सचिव तथा डीएसओ के अलावा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
पीड़ित परिवार सीधे ऑनलाइन करें आवेदन
जिला परिषद सीईओ शंभू राठी ने कहा कि पीड़ित परिवार सीधे ऑनलाइन दयालु-2 योजना के पोर्टल डीएपीएसवाई डॉट एफआईएनएचआरवाई डॉट जीओवी डॉट इन पर आवेदन कर सकते हैं। सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। प्रार्थी को हादसे के 90 दिन के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज के साथ पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। स्कीम से संबंधित जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस पर लघु सचिवालय के जिला सांख्यिकी कार्यालय में संपर्क कर सकते है।
मृत्यु की अवस्था में मृत्यु प्रमाण पत्र व डीडीआर की कॉपी जरुरी
जिला परिषद सीईओ शंभू राठी ने कहा कि मृत्यु की अवस्था में मृत्यु प्रमाण पत्र, पुलिस एफआईआर/डीडीआर जिसमें पशु द्वारा मृत्यु होनेे की स्पष्ट जानकारी हो। घायल अवस्था के लिए आवश्यक दस्तावेज- पशु दुर्घटना का प्रमाण पत्र, घाव के निशान की फोटो, डॉक्टरी इलाज का प्रमाण, पुलिस एफआईआर/डीडीआर जिसमें पशु द्वारा घायल करने की स्पष्ट जानकारी हो। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता अवस्था आवारा पशु/कुत्ते के कारण हुई दिव्यांगता का प्रमाण पत्र, हॉस्पिटल डिस्चार्ज समरी, पशु दुर्घटना का प्रमाण जैसे फोटो, पुलिस एफआईआर/डीडीआर जिसमें पशु द्वारा घायल करने की स्पष्ट जानकारी हो।
आयुवर्ग के अनुसार अलग-अलग सहायता राशि तय
जिला परिषद सीईओ शंभू राठी ने कहा कि 12 वर्ष तक की आयु के लिए मृत्यु या 70 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता पर 1 लाख रुपए, 12 से 18 वर्ष तक की आयु के लिए मृत्यु या 70 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक की आयु के लिए मृत्यु या 70 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता पर 3 लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक की आयु के लिए मृत्यु या 70 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता पर 5 लाख रुपये, 45 वर्ष से अधिक आयु के लिए मृत्यु या 70: प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता पर 3 लाख रुपये सहायता के तौर पर दिए जाएंगे। घायल होने की स्थिति में सभी आयु वर्गों के लिए घायल अवस्था में 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। कुत्ते के काटने पर दांत के निशान के आधार पर सहायता का प्रावधान है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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