तीर्थ स्थल पर ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर बनेंगी पत्थर की मूर्तियां, मूर्तियों में नजर आएगी देश की प्राचीन संस्कृति और कला, सरस्वती महोत्सव के दौरान लगेगा 15 दिवसीय राष्ट्रीय शिविर, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा सरस्वती बोर्ड के तत्वाधान में लगेगा शिविर
पिहोवा, 18 जनवरी
। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल पर जल्द ही विश्व स्तरीय आधुनिक मूर्तिकला देखने को मिलेगी। इस तीर्थ पर 16 भव्य मूर्तियां तैयार की जाएंगी। इन मूर्तियों के लिए भैंसलाना से काले पत्थर की 16 बड़ी चट्टानें तीर्थ स्थल पर पहुंच चुकी है। इन पत्थरों को मूर्तियों के रूप में तराशने के लिए हरियाणा और आस पास के राज्यों से 16 शिल्पकार भी पहुंच चुके है। इस राष्ट्रीय कैम्प के लिए हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कला विभाग के सांस्कृतिक अधिकारी एवं प्रसिद्ध मूर्ति कलाकार हृदय कौशल को संयोजक नियुक्त किया गया है।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने रविवार को विशेष बातचीत की है। इससे पहले सांस्कृतिक अधिकारी एवं प्रसिद्ध मूर्तिकार हृदय कौशल ने सरस्वती तीर्थ स्थल पर दिन रात चलने वाले 15 दिवसीय राष्ट्रीय शिविर के बारे में विस्तृत जानकारी दी और हरियाणा से लगभग 10 और अन्य राज्यों से आए 4 शिल्पकारों जिनमें वीएस कुंडू, स्वीराज, सुमन, संजीव, विशाल, नरेन्द्र, आशीष, अमित, शालिनी, रशमी आर्य, धर्म नितम, संगम, रणजीत सहित अन्य जाने माने कलाकारों से परिचय करवाया और कहा कि हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के आयुक्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डा. अमित अग्रवाल के आदेशानुसार पिहोवा सरस्वती महोत्सव के दौरान आधुनिक खूबसूरत मूर्ति शिल्प का राष्ट्रीय शिविर लगाया जा रहा है।
उपाध्यक्ष ने कहा कि सरस्वती तीर्थ को पर्यटन के रूप में विकसित करने तथा सरकार की कला और संस्कृति को विकसित करने और सहेजने की नीति के तहत ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार आधुनिक खूबसूरत मूर्ति शिल्प को लेकर राष्ट्रीय शिविर लगाया जा रहा है। इस शिल्प कला के लिए 16 काले पत्थर की चट्टान भी तीर्थ स्थल पर पहुंच चुकी है। अब आगामी 15 दिनों में हरियाणा व दूसरे राज्यों से आए शिल्पकार पत्थरों को तराश कर सौंदर्यीकरण व संस्कृति को दर्शाती 16 मूर्तियों का निर्माण करेंगे। यह शिविर 15 दिनों तक चलेगा और सभी शिल्पकार दिन रात कार्य करेंगे। इस शिल्पकला को देखने के लिए पिहोवा और आस पास के जिलों से युवा पीढ़ी को पहुंचना चाहिए। इससे युवा पीढ़ी को शिल्पकला के क्षेत्र में आपार संभावनाओं के साथ साथ रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक मुकाम भी नजर आएगा।
उन्होंने कहा कि इन मूर्तियों में 7 हजार साल पुरानी सरस्वती की सांस्कृतिक विरासत को भी देखने का अवसर मिलेगा। इन सभी 16 मूर्तियों को सरस्वती के घाट पर सजाया जाएगा। इससे सरस्वती तीर्थ का सौंदर्यीकरण बढ़ने के साथ साथ दूर दराज से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मूर्तिकला को देखने का अनोखा अवसर भी मिलेगा। यह शिविर हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक विभाग तथा हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वाधान में लगाया जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा लगभग 35 लाख का बजट भी पारित किया है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *