मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव शरीफगढ़ और प्रतापगढ़ में काफिला रुकवाकर चखा गुरु का लंगर, साहिबजादों को किया नमन, संगत से की बातचीत, नन्हें-नन्हें बच्चों को दिया प्यार

सोनिका वधवा
कुरुक्षेत्र।  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि धर्म, सत्य और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए श्री गोबिंद सिंह जी ने अपना पूरा परिवार न्यौछावर कर दिया। इस धरा पर ताउम्र इतिहास के पन्नों पर साहिबजादों के अद्वितीय अमर बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इस अमर बलिदान से समाज के लोगों को प्रेरणा लेने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को शाहबाद के गांव शरीफगढ़ और पिपली के निकट गांव रामगढ़ में सिख संगत द्वारा लगाए गए लंगर में प्रसाद ग्रहण करने के लिए अपने काफिले को रूकवाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले साहिबजादों को शीश झुकाकर नमन किया और सिख संगत से बातचीत की, सिख संगत में शामिल नन्हें-नन्हें बच्चों को प्यार किया और गुरू के लंगर को ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संगत के साथ अपने मन की बात को सांझा किया और सिख संगत के साथ विचार विमर्श सांझा करते हुए कहा कि इतिहास के सबसे करुण और प्रेरक अध्यायों में दर्ज साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को स्मरण किया जाएगा। आज पूरा देश धर्म, सत्य और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों—बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अल्पायु में ही सर्वोच्च बलिदान को याद कर रहा है और जगह जगह लंगर लगाकर सेवा कर रहे है। आज छोटे साहिबजादों को स्मरण करने और भावी पीढिय़ों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का समय है।
उन्होंने कहा कि वीरता केवल युद्ध भूमि में नहीं, बल्कि सत्य और विश्वास पर अडिग रहने में भी निहित होती है। साहिबजादों का बलिदान आज भी समाज को यह संदेश देता है कि उम्र नहीं, बल्कि संकल्प ही इतिहास रचता है। जो नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों, नैतिक साहस और मानवीय गरिमा से जोड़ने का कार्य करती है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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