रत्नावली महाकुंभ में उभरा विकसित भारत का स्वरूप
यूआईईटी के छात्रों द्वारा निर्मित ईवी बनी कौतूहल का विषय
कुरुक्षेत्र, 31 अक्टूबर।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का रत्नावली के माध्यम से संस्कृति के साथ विकसित भारत अभियान को भी मजबूत करने का भी विजन है। उन्होंने कहा कि केयू युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित रत्नावली हरियाणा दिवस राज्य स्तरीय समारोह में इस बार मेक इन इंडिया व विकसित भारत का स्वरूप भी उभरा है। यह विचार कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने रत्नावली के महाकुंभ में प्रदर्शित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित इलेक्ट्रिक व्हीकल के अवलोकन करने के दौरान व्यक्त किए।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा, शिक्षकों एवं छात्रों की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि रत्नावली महाकुंभ में इस बार न केवल संस्कृति और परंपरा, बल्कि विकसित भारत अभियान की झलक भी आने वाले पर्यटकों एवं छात्रों को दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत और नवाचार ने यह साबित कर दिया कि भारत के युवा आत्मनिर्भर और तकनीकी दृष्टि से सक्षम हैं। यह इलेक्ट्रिक व्हीकल पूरी तरह से छात्रों की अवधारणा और डिजाइन पर आधारित है। गौरतलब है कि यूआईईटी छात्रों द्वारा निर्मित इलेक्ट्रिक व्हीकल में संस्थान के 106 विद्यार्थियों सहित उनके शिक्षकों ने मिलकर तैयार किया है।
इस अवसर पर एनआईटी के निदेशक डाॅ. बीवी रमना रेड्डी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का हिस्सा है, जो देश को स्वदेशी निर्माण और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। इस अवसर पर एनआईटी निदेशक की धर्मपत्नी सहित डाॅ. ममता सचदेवा, यूआईईटी संस्थान के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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कोयम्बटूर में आफरोड़ ईवी में उत्तर भारत से प्रतिभागिता में केयू यूआईईटी एकमात्र

यूआईईटी संस्थान के मैकेनिकल कोर्स के सहायक प्रोफेसर डॉ. विशाल अहलावत और डॉ. सुनील ढींगरा के सफल निर्देशन में तैयार फाॅर्मुला 5 ईवी, आफरोड़ ईवी तथा गोकार्ट रेसिंग ईवी में लगभग 9 लाख का खर्च आया है। उन्होंने बताया कि हाल ही भोपाल एवं कोयम्बटूर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों द्वारा निर्मित ईवी ने उत्कृष्ट पुरस्कार जीतकर ने यूआईईटी संस्थान के साथ-साथ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने बताया कि कोयम्बटूर में आफरोड़ ईवी में उत्तर भारत से प्रतिभागिता करने वाला केयू यूआईईटी एकमात्र संस्थान है। वहीं आफरोड ईवी के दूसरे एडिशन में संस्थान के विद्यार्थियों ने स्वनिर्मित ब्रेक बनाए तथा इसका पैटेंट भी ग्रांट हो चुका है।
इस इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजन प्रदर्शनी में कुलदीप, अमित, रोहित, सुशांत, यशवर्धन, योगेश, दीपांशु, आर्यन, मयंक गौरव और संदीप आदि विद्यार्थी शामिल रहे, जिन्होंने हरियाणा की युवा पीढ़ी को इस अद्भुत नवाचार के प्रति जागरूक किया।
रत्नावली महाकुम्भ में संस्कृति के साथ सृजनशीलता, नवाचार एवं उद्यमिता का अद्भूत संगम
एनईपी के अनुरूप कौशल विकास, उद्यमिता को दिया जा रहा बढ़ावा
कुरुक्षेत्र, 31 अक्टूबर।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रत्नावली हरियाणा दिवस राज्य स्तरीय रत्नावली महाकुंभ में लोक कला एवं संस्कृति के साथ सृजनशीलता, नवाचार एवं उद्यमिता का अद्भूत संगम दिखाई दे रहा है। कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में केयू ललित कला विभाग के विद्यार्थियों ने घरेलू सजावटी वस्तुओं के साथ-साथ महिलाओं के लिए उपयोगी सामग्री की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने दर्शकों का ध्यान खींच लिया। वहीं पर्यटकों ने भी बनाए गए सामान की खूब खरीदारी की। ललित कला विभाग के अध्यक्ष डाॅ. गुरचरण ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के लिए उनमें कौशल विकास, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने बताया कि रत्नावली मेले में स्टाल विद्यार्थियों को दी गई है। जिसका संचालन से लेकर बिक्री व आमदन की भूमिका विद्यार्थियों की है। उन्होंने बताया कि देश के शिर्ष नेतृत्व के विकसित भारत अभियान एवं आत्मनिर्भरता के सपने को साकार करने के लिए कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा द्वारा विद्यार्थियों को यह सुनहरा अवसर प्रदान किया गया है।
वहीं लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि रत्नावली महाकुंभ इस वर्ष संस्कृति, कौशल और सृजनात्मकता का अद्भुत संगम बनकर उभरा है, जहाँ परंपरा के साथ नवाचार का सुंदर मेल देखने को मिला। रत्नावली सांस्कृतिक महाकुंभ में ललित कला विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी कला और सृजनशीलता का अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल विद्यार्थियों की कलात्मक सोच को दिशा देती हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनने के लिए प्रेरित करती हैं।
रत्नावली महोत्सव में लगी फर्स्ट एड पोस्ट एवम यूथ रेड क्रॉस स्टाल में जरूरतमंदो को मिला स्वास्थ्य लाभ
कुरुक्षेत्र, 31 अक्टूबर।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार रत्नावली महोत्सव में आए हुए प्रतिभागियों को जरूरत पड़ने पड़ने पर स्वास्थय संबंधी लाभ देने के लिए रत्नावली पंडाल में  प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गयी। यह सुविधा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूथ रेड क्रॉस के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर  प्रो. दिनेश सिंह राणा के नेतृत्व में लगाई गयी।  रत्नावली महोत्सव में हज़ारों की संख्या में लोगों ने दौरा किया एवम जरूरतमंदो ने प्राथमिक चिकित्सा का लाभ उठाया जिसमें प्राथमिक चिकित्सा के ज्ञान के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा भी लोगों को दी गई। अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को दवाई भी दी गई। प्राथमिक चिकित्सा टीम के प्रोग्राम कोर्डिनेटर डॉ. दिनेश राणा के मार्गदर्शन में फर्स्ट ऐड पोस्ट लगाई गई जिसमें वाई.आर. सी. टीम के स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं ने जरूरतमंद लोगों को सेवाएं प्रदान की। इस अवसर पर आए हुए लोगों ने छात्रों द्वारा किए जा रहे समाजसेवा के कार्य की सहराना की। इसमे डॉ. संतोष कुमार, स्वयंसेवक पपिन्द्र सिहँ, ज्योति, दिलाशा, दिव्यांशी, निष्ठा, लवदीप,  अन्नू, श्वेता, शिवानी, सृष्टी आदि शामिल रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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