भिवानी। गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी प्ले स्कूल अध्यापिका मनीषा की मौत मामले की जांच के लिए सीबीआई टीम बुधवार को भिवानी पहुंच गई। करीब पांच से छह सदस्यीय टीम ने रेस्ट हाउस में स्थानीय सीआइए टीम से मामले बाबत बातचीत की। वीरवार को टीम मृतका मनीषा के स्वजनों से मिलने गांव जा सकती है।
पुलिस अब तक की जांच रिपोर्ट और इकट्ठे किए गए सबूत सीबीआई को सौंपेगी। टीम ने केस से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड मांगा है। वहीं, मृतका के पिता संजय ने कहा कि वे चाहते है कि बेटी को न्याय मिले। हमारी बेटी सही थी। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की गलत बातें चल रही हैं, जिसके लिए पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत की है

सरकार ने स्वजनों की मांग पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। जांच का जिम्मा मिलने के बाद बुधवार को दिल्ली नंबर की दो गाड़ियों से करीब पांच-छह सदस्यीय सीबीआई टीम भिवानी रेस्ट हाउस पहुंची।

यहां सीआईए द्वितीय के इंचार्ज रवींद्र व अन्य टीम सदस्यों से बातचीत की। सीबीआई टीम दिनभर रेस्ट हाउस में ही रहकर केस से संबंधित तथ्य जुटाती रही। टीम के वीरवार को घटनास्थल और मृतका के घर जाने की संभावनाएं है।

मेरी बेटी गलत नहीं, सब बताती थी, उसे न्याय मिले…

मृतका मनीषा के पिता संजय ने कहा कि हमारी बेटी सहीं थी और सब कुछ बताती थी। इसी कारण हम भी सारी बातें बता रहे हैं, कुछ नहीं छुपा रहे। बस ये ही चाहते है कि गुड़िया को न्याय मिले। उन्होंने बताया कि मनीषा पिछले दो साल से नर्सिंग कोर्स के लिए प्रयास कर रही थी। एक बार दो नंबर से तो एक बार पांच नंबर से सरकारी संस्थान में प्रवेश से रह गई।

बेटी का सपना पूरा करने के लिए इस बार प्राइवेट से ही उसका कोर्स करवाने की सोची थी। इसी कारण बेटी कहकर गई थी कि कॉलेज में एडमिशन का पता करके आउंगी। इसका हमने परिवार में भी चर्चा की थी कि इस बार फसल ठीक है और 50-55 हजार रुपये लगते होंगे तो बेटी का नर्सिंग कोर्स में एडमिशन करवा देंगे।

11 को बेटी ने बच्चों का टेस्ट ले रखा था। यह बात उसने बस चालक जिसके साथ वह घर आती थी, उसे भी बताई थी कि बच्चों के टेस्ट चेक करने है और फिर नर्सिंग कॉलेज जाकर आऊंगी। अंतिम कॉल उसकी घर आई थी। उसने सुबह करीब साढे़ 11 बजे घर कॉल की थी। उसने ऑनलाइन सूट मंगवाया था, जिसकी डिलीवरी आई थी। मैं उस दिन लोहारू ड्यूटी पर था। सायं करीब साढे़ चार बजे मेरी मां का फोन आया कि बेटी मनीषा नहीं आई।

उसे लगा कि आ जाएगी। घंटेभर बाद दोबारा फोन आया तो भी उसे लगा कि 6:20 वाली बस से आ जाएगी। साढे़ छह बजे भी नहीं आई तो उसने फोन किया। फोन स्विच आफ मिला। जिसके बाद उसे चिंता हुई और वह सिंघानी पहुंचा।जहां पीसीआर को सूचना दी। पीसीआर पर आए कर्मचारियों ने बेटी के बारे गलत शब्द कहे।

मामा, पिता ने मारी है मनीषा…

मामा, पिता ने मारी है मनीषा…। इस तरह की बातें सोशल मीडिया पर खूब चल रही है। पिता संजय कुमार ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर ये देखा है कि मामा, पिता ने मनीषा को मारा है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को शिकायत की है। उन्होंने बताया बेटी उन्हें कहकर गई है कि वह नर्सिंग में एडमिशन की पूछने कॉलेज जाएगी। वह जो कहती थी, वह करती थी। उसे पूरा यकीन है कि वह गई होगी।

उसने रास्ते की कुछ सीसीटीवी भी देखी है, जिसमें वह नर्सिंग कॉलेज की तरफ जा रही है। यहां कॉलेज वाले एक बार भी सामने नहीं आए। अगर वे सहीं है तो सामने आए या सीसीटीवी दिखाए। संजय कुमार ने कहा कि वे अब चाहते है कि बेटी को न्याय मिले ताकि जो भी कातिल है वे किसी अन्य के साथ ऐसा न कर सके।

यूं चला घटनाक्रम

  • 11 अगस्त को ढाणी लक्ष्मन गांव निवासी प्ले स्कूल की शिक्षिका मनीषा लापता हुई।
  • 13 अगस्त को सिंघानी गांव के खेतों में नहर किनारे मनीषा का शव मिला। गर्दन पर निशान देख स्वजनों ने हत्या की आशंका जताई। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। यहां स्वजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। जिस पर धरना शुरू किया गया।
  • 15 अगस्त को स्वजनों के आरोपों के चलते भिवानी एसपी मनबीर सिंह का ट्रांसफर किया और लोहारू थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर किया। चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया।
  •  स्वजनों की मांग पर पीजीआइ रोहतक में 15 अगस्त को चिकित्सकों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद स्वजनों ने सीबीआई जांच और एम्स दिल्ली में पोस्टमार्टम की मांग रखी। सरकार ने उनकी यह मांग भी मानी।
  • 20 अगस्त को एम्स में पोस्टमार्टम हुआ और 21 अगस्त को गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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