करनाल, 26 अगस्त। सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि जिला में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत सभी सरकारी व निजी स्कूलों में एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को एवं 20 से 24 वर्ष की आयु की सभी महिलाओं जोकि गर्भवती न हों तथा स्तनपान ना करवा रही हों, को स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से एल्बेंडाजोल की गोली नि:शुल्क खिलाई गई तथा जो बच्चे किसी कारणवश छूट गए हैं उनको 02 सितम्बर को मोप अप राउंड के दौरान एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह गोली पूर्णत: सुरक्षित व प्रभावशाली है। एक से दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली (पीसकर), दो से तीन वर्ष के बच्चों को पूरी गोली (पीसकर), तीन से 19 वर्ष के बच्चों एवं 20 से 24 वर्ष की महिलाओं को पूरी गोली चबाकर खानी है।
सिविल सर्जन ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिला में चार लाख 91 हजार बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर कृमि मुक्त किया जा चुका है। एनडीडी के नोडल अधिकारी डॉ. केशव वधवा ने बताया कि बच्चों में खून की कमी का एक मुख्य कारण कृमि (पेट के कीड़े) होते हैं, जिस कारण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में कमी आ जाती है । गंभीर कृमि संक्रमण से कई लक्षण उत्पन्न हो सकते है जैसे कि दस्त, जी मिचलाना, उल्टी, हल्का पेट दर्द, कमजोरी, वजन कम होना, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना और पढाई में ध्यान ना लगना। यह एल्बेंडाजोल की गोली बिल्कुल सुरक्षित है, इसको खाने से अनेक फायदे होते हैं जैसे कि अनीमिया में नियंत्रण, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृिद्ध, समुदाय में कृमि संक्रमण की व्यापकता में कमी।
सिविल सर्जन ने आमजन से यह अपील की कि स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम द्वारा दी जाने वाली एल्बेंडाजोल की गोली अपने बच्चों को अवश्य खिलाएं ताकि भारत की भावी पीढ़ी को तंदुरुस्त एवं अनीमिया मुक्त बनाया जा सके ।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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