पानीपत। Panipat News: रेलवे स्टेशन पर मानसिक रूप से परेशान सामूहिक दुष्कर्म की शिकार महिला (Panipat Rape Case) 12 दिनों से रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन है। 11 दिनों तक दो जिलों के तीन थानों की पुलिस सिर्फ उससे जानकारी ही लेती रही, लेकिन पहचान के प्रयास तक नहीं किए।

चार जुलाई को पीड़िता ने पीजीआई में महिला डॉक्टर से आपबीती सुनाई तो सामूहिक दुष्कर्म सुन डॉक्टर दंग रह गई। इस पर डॉक्टर ने सोनीपत जीआरपी को महिला से सामूहिक दुष्कर्म होने की सूचना दी। सोनीपत जीआरपी पीजीआई पहुंची। महिला से कुछ देर पूछताछ के बाद पानीपत जीआरपी को वारदात की सूचना देकर इतिश्री कर ली।

पांच जुलाई को पानीपत जीआरपी के जांच अधिकारी भी पीजीआई पहुंचे और पूछताछ कर लौट गए। जीआरपी ने किला थाना पुलिस का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया। दोनों थानों की पुलिस शनिवार को रोहतक पीजीआई नहीं गई।

रविवार को दबाव पड़ने पर किला थाना पुलिस ने जीरो एफआइआर दर्ज कर मामला पानीपत जीआरपी को भेज दिया। रविवार को भी जीआरपी को काई अधिकारी पीजीआई नहीं गया।

पति-पत्नी के बयानों में विरोधाभास

महिला का पति एक जुलाई को किला थाना पहुंचा और पुलिस को शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी 26 जून को घर से लापता हुई थी। पांच दिन तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं लगा। थक हार कर एक जुलाई को गुमशुदगी की शिकायत दी। वहीं, पीड़िता का कहना है कि 24 जून को वह घर से निकली थी। इसी रात को उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ।

महिला के पति ने बताया कि 33 वर्षीय पत्नी मजदूरी करती थी। छह माह पहले ससुर की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। जब उसके पिता की मौत हुई तो उसकी पत्नी को इससे गहरा धक्का लगा था। इसी कारण वह मानसिक रोग का शिकार हो गई। वह बार-बार बयान बदल रही है।

चार लोगों ने किया दुष्कर्म

मैं अपने पति से झगड़े के बाद गुस्से में घर से निकल गई थी। उस समय कुछ नहीं सोचा था कि कहा जाना है। मैं अपने साथ कुछ सामान भी लेकर आई थी। मुझे कुछ नहीं पता था कि आगे कैसे जाऊंगी। बस चलते-चलते कभी पैदल तो कभी ट्रक से सोनीपत रेलवे स्टेशन तक पहुंच गई। वहां पर एक बेंच पर बैठ गई। अंधेरा हो चुका था। मुझे डर लग रहा था, इसी बीच मेरे पास एक आदमी आया। उसने मुझसे बात की और बोला कि तुम परेशान लग रही हो। फिर कहने लगा कि चलो मेरे घर, तुम्हारा पति भी वहीं आ जाएगा। उस वक्त मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था और मैं उसके साथ चली गई। मेरे पास फोन और घड़ी तो नहीं थी, लेकिन रात के करीब 11 बजे से अधिक का समय हो चुका था। उसने मुझे एक बंद ट्रेन के डिब्बे में बैठा दिया। बोला कि जब ट्रेन चलेगी हम भी निकलेंगे। मुझे थोड़ा शक हुआ, लेकिन फिर भी मैं वहीं बैठी रही। उस आदमी ने नशा कर रखा था। फिर मेरे साथ जबरदस्ती करनी शुरू कर दी। मैं रोई, चिल्लाई, लेकिन उसने एक नहीं सुनी और मेरे साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसके तीन दोस्त एक-एक करके आए और दुष्कर्म किया। मैंने खुद को बचाने के लिए डिब्बे की कुंडी लगाने की कोशिश की, लेकिन नहीं लगा पाई। इसके बाद वह सब मुझे वहीं छोड़कर चले गए। मैं किसी तरह से डिब्बे से उतरी। उस समय फाटक पर मेरा पैर किसी केमिकल में पड़ गया। इसके बाद मुझे कुछ याद नहीं है। जब होश आया तो मैं अस्पताल में थी।

– जैसा कि पीड़िता ने दैनिक जागरण की महिला रिपोर्टर को बताया।

दुष्कर्म पीड़िता का कटा पैर

रोहतक जाने का किराया नहीं था महिला के पति ने बताया कि वह मजदूर है। सोनीपत पुलिस ने शनिवार को फोन पर बताया था कि उसकी पत्नी का पैर कट गया है और रोहतक पीजीआई में दाखिल है। मेरे पास किराया नहीं था। उसने रविवार को चावला कालोनी में दिहाड़ी की। सोमवार को उसके पास रोहतक पीजीआई में जाएगा।

किला थाना पुलिस ने मामले में जीरो एफआइआर दर्ज कर उनके पास भेजी है। इसी में सामूहिक दुष्कर्म की धारा जुड़ी है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपितों का पता लगाने का प्रयास है।

-राजेश कुमार, प्रभारी जीआरपी पानीपत।

पानीपत पुलिस ने महिला को क्या बताया?

पीड़िता ने पुलिस को यह बताया पानीपत पुलिस को दिए बयान में महिला ने कहा कि 24 जून की दोपहर पति के साथ झगड़ा हुआ। वह घर से रेलवे स्टेशन पर चली गई। प्लेटफार्म नंबर एक पर बैठी थी। रात करीब 10 बजे एक युवक आया और बोला कि उसका पति बुला रहा है।

वह युवक के साथ चल दी। माल गोदाम के सामने ट्रेन का डिब्बा खड़ा था। युवक उसे वहां ले गया और दुष्कर्म किया, फिर वहां तीन युवक और आए और सामूहिक दुष्कर्म किया। जब वह उसने बचकर भागने लगी तो उसका केमिकल में पैर फिसल गया और वह रेल ट्रैक पर गिर गई और उसका पैर कट गया।

इकलौते बेटे की आत्मिक शांति के लिए कराना था हवन

पीड़ित महिला के तीन साल के बेटे शिवा की मौत नौ जून को बीमारी से हो गई थी। पति ने बताया कि बेटे की आत्मिक शांति के लिए घर में हवन कराना था। बेटे की मौत से उसकी पत्नी को गहरा झटका लगा। वह गुमशुम रहने लगी, वह किसी से बात नहीं करती थी। अक्सर बेटे की फोटो लेकर बैठी रहती थी। अब वह अपने पति को कहने लगी थी कि उसे बेटे की आत्मा की शांति के लिए घर में हवन कराना है।

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