बोले : 29 मार्च को निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा, मंगल आरती,  कलश पूजन के साथ होगा ध्वजारोहण
कहा : सनातन संस्कृति व हिन्दू धर्म में नवरात्रि उत्सव व दुर्गा पूजा का है विशेष महत्व
करनाल, 25 मार्च  :  भद्रकाली सेवक मंडल के सदस्य रामपाल लाठर ने कहा कि सनातन संस्कृति व हिन्दू धर्म में नवरात्रि उत्सव व दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है। 30 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्रि उत्सव पूरे भारत वर्ष में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाए जाऐंगे। उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण सृष्टि को संचालित करने वाली आदिशक्ति मां दुर्गा की पूजा का नवरात्रि के दिनों में विशेष महत्व होता है। नौ दिनों के चलने वाले नवरात्रि दिनों में मां दुर्गा की अलग-अलग रूपों में पूजा की जाती है। इन पवित्र नवरात्रि पर्व को लेकर श्रद्धालु बड़ी दूर-दूर से शक्तिपीठ श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर झांसा रोड में आकर पूजा अर्चना करते है। रामपाल लाठर ने बताया कि पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा के सानिध्य में नवरात्रि महोत्सव को सुचारू रूप से चलाने के लिए सेवक मंडल के सदस्यों की डयूटियां भी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि इस बार महाशक्ति की महापूजा का महापर्व नवरात्रि महोत्सव 30 मार्च  से शुरू होगा और 5 अप्रैल श्री दुर्गाष्टमी के साथ सम्पन्न होगा। प्रथम नवरात्र 30 मार्च को है, लेकिन शोभायात्रा 29 मार्च  को निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि 29 मार्च को सुबह 6 बजे मंगला आरती, सुबह 8 बजे कलश पूजन व सुबह 9 बजे ध्वजारोहण होगा। वहीं दोपहर 12 बजे मां भ्रदकाली जी की भव्य शोभायात्रा मां की पावन पवित्र ज्योति के साथ प्रारंभ होगी। जिसे हरियाणा सरकार के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी झंडी देकर रवाना करेंगे ओर मुख्य यजमान के तौर पर हल्दीराम से वाईस चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर मधुसूदन अग्रवाल, माँ की कंजक  शलोका पंडित (कुहु) शामिल होंगे। वहीं शाम 6 बजे नगर परिक्रमा करके महाआरती के साथ ज्योति प्रतिस्थापना होगी। जिसमें पूर्व न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत करेंगी। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दिनों में जो भी श्रद्धालु यहां आकर सच्चे मन से और विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करता है उनकी सभी मनोकमानाएं पूर्ण हो जाती है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में आदिशक्ति मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा होती है जिसमें शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यानी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री का पूजन भक्त श्रद्धापूर्वक करते है। हर देवी स्वरूप की कृपा से अलग-अलग तरह के मनोरथ पूरे होते है। उन्होंने कहा कि पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने जो भी ड्यूटियां लगाई है उसमें हर सदस्य सेवादार की तरह अपनी जिम्मेदारी निभाएगा और इस सेवा के भाव को समझते हुए इस नेक कार्य को सफल बनाएगा। क्योंकि कहा भी गया है कि जो शुद्ध मन से किया गया कार्य सदैव सफल होता है।
बॉक्स
सभी भक्तों को मिलेगा माँ का अनमोल खजाना
भद्रकाली सेवक मंडल के सदस्य रामपाल लाठर ने कहा कि हिन्दू नववर्ष के शुभ अवसर पर 30 मार्च को प्रात 7 से शाम 7 बजे तक माँ के सभी भक्तों को प्रसाद में माँ का विशेष खजाना मिलेगा। यह खजाना आपके घर परिवार में धन-वैभव की वृद्धि करेगा। माँ के इस आशीर्वाद को अपने घर में संभाल कर रखें, सुरक्षित रखें। यह आपके धन के भण्डारे भरेगा।
बॉक्स
शोभा यात्रा में होगा 52 शक्तिपीठों का प्रतीक स्वरूप
भद्रकाली सेवक मंडल के सदस्य रामपाल लाठर ने बताया कि शोभायात्रा में 52 शक्तिपीठों के प्रतीक स्वरूप 52 शक्ति त्रिशूल, सैकड़ों माँ के लाल ध्वज, हजारों मंगल कलश शिरोधार्य महिलाएं, सुन्दर झांकियाँ व बैंड बाजों के मंगल गान होंगे। माँ की पावन पवित्र ज्योति कुरुक्षेत्र नगर को प्रकाशमान करते हुए शाम 6 बजे मन्दिर में प्रतिस्थापित होगी।
बॉक्स
मां भद्रकाली जी के 108 फुट ऊंचे शिखर पर बुर्ज खलीफा की तर्ज पर होगा भव्य आतिशबाजी का आयोजन
भद्रकाली सेवक मंडल के सदस्य रामपाल लाठर ने बताया कि नवरात्रि का हर दिन देवी के विशिष्ट रूप को समर्पित होता है और हर देवी स्वरूप की कृपा से अलग-अलग तरह के मनोरथ पूरे होते है। वहीं हिन्दू नववर्ष अभिनंदन के उपलक्ष्य में प्रथम नवरात्रि 30 मार्च को रात्रि 8 बजे मां भद्रकाली जी के 108 फुट ऊंचे शिखर पर बुर्ज खलीफा की तर्ज पर भव्य आतिशबाजी का आयोजन होगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *