जिन महिला सरपंचों के पास केवल बेटियां हैं, उन्हें लिंगानुपात में सुधार के लिए चलाए जाने वाले अभियानों में बनाए ब्रांड एंबेसडर
कुरुक्षेत्र 22 मार्च।   उपायुक्त नेहा सिंह ने जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अनुसार लिंगानुपात विश्लेषण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में खराब प्रदर्शन करने वाले सीएचसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त नेहा सिंह ने स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जन्म के समय लिंगानुपात में और सुधार लाने के लिए लागू किए जा रहे विभिन्न उपायों की प्रगति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन महिला सरपंचों के पास केवल बेटियां हैं, उन्हें लिंग अनुपात सुधारने के लिए चलाए जाने वाले अभियानों में ब्रांड एंबेसडर के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को इस पहल के लिए प्रत्येक जिले से पांच-पांच ऐसे सरपंचों की पहचान करने तथा 104 हेल्पलाइन के माध्यम से केवल एक बेटी वाले परिवारों के लिए परामर्श सत्र आयोजित करने के लिए भी निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बाल विकास विभाग के अधिकारियों  को जिले में लिंगानुपात को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों को बढ़ाने का भी निर्देश दिए। उन्होंने लैंगिक समानता के महत्व और लिंगानुपात में सुधार की आवश्यकता के बारे में समुदायों को शिक्षित करने के लिए जागरूकता वैन चलाने का सुझाव दिया। इसके अलावा जिले के सिनेमाघरों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल के बारे में लघु फिल्में दिखाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बालिका के जन्म का जश्न मनाने के लिए कुआं पूजा जैसी प्रथाओं को भी बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक गर्भावस्था को प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य (आरसीएच) पोर्टल पर प्रथम तिमाही में पंजीकृत किया जाना चाहिए। यदि पंजीकरण नहीं हुआ है, तो जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से विशेष अनुमति लेकर ही इसकी अनुमति दी जानी चाहिए। गर्भधारण का पंजीकरण न करने में किसी भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीएएमएस चिकित्सकों की निगरानी के लिए आयुष विभाग को भी करें शामिल
उपायुक्त नेहा सिंह ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) केंद्रों का निरीक्षण करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे लिंग निर्धारण के अवैध कार्य में शामिल ऐसे केंद्रों पर छापेमारी को तेज़ करें। उन्होंने कहा कि बीएएमएस चिकित्सकों की निगरानी के लिए आयुष विभाग को भी शामिल किया जाना चाहिए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग एमटीपी किट की ऑनलाइन/ऑफलाइन बिक्री की प्रगति रिपोर्ट सीएमओ के साथ साझा करें
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि एमटीपी किट की अवैध बिक्री पर लगाम लगाने के लिए एफडीए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे  एमटीपी किट की ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री की प्रगति रिपोर्ट सीएमओ के साथ साझा करें।  उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एमटीपी किट केवल पंजीकृत स्थानों पर ही रखी जाएं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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