स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने सिविल अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मेडिसन वार्ड से संबंधित मरीजों को ट्रॉमा सेंटर से शिफ्ट करने के दिए आदेश, अस्पताल की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के दिए निर्देश, मरीजों से की बातचीत
करनाल,  13 जून। 
स्वास्थ्य एवं नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण के दौरान कुछ अनियमितताएं पाई गई हैं। इन अनियमितताओं को लेकर सिविल सर्जन से सात दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। अहम पहलू यह है कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्तपाल की सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने वीरवार को सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल अस्पताल के विभिन्न विभागों और फिर ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर में मरीजों से बातचीत की और उनका कुशलक्षेम पूछा। इन मरीजों से बातचीत करने के उपरांत यह तथ्य सामने आए कि कुछ मरीज ऐसे थे जिन्हें मेडिसन वार्ड में भर्ती किया जाना था, लेकिन इन मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में दाखिल किया गया था। इस विषय को स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीरता से लिया और मरीजों को जनरल वार्ड में शिफ्ट करने के आदेश भी दिए। यहां पर कैबिनेट मंत्री ने मरीज किताबो से बातचीत की और स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण करने से पहले सिविल अस्पताल के प्रांगण, कार्यालयों और अन्य वार्डों की सफाई व्यवस्था का आंकलन किया। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर के एक शौचालय की परिसर में उखड़ी टाईलों का कारण पूछते हुए उस पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही पार्किंग की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल अस्पताल के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल की अनियमितताओं को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की जाए और इस रिपोर्ट को सात दिनों के अंदर उनके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर दोषी चिकित्सकों, अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से हर जिला में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। अब तक 15 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जा चुके हैं और बाकि जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया पर तेजी के साथ काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसके लिए सरकार ने आयुष्मान, निरोगी जैसी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। सरकार का लक्ष्य है कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज का अच्छी तरह से ईलाज हो सके। परंतु इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों तथा कर्मचारियों को ईमानदारी, मेहनत और सेवा भाव से काम करने की जरूरत होगी। पत्रकारों द्वार पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, पूर्व मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सतपाल, भाजपा के जिला महामंत्री सुनील गोयल, भाजपा नेत्री मंजू खैंची आदि उपस्थित रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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