अम्बाला, 30 मई- अम्बाला के डीसी डॉ. शालीन ने बताया कि प्रदेश में चल रही हीट वेव के प्रभाव से पशुधन के बचाव के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी सभी अधीनस्थ कार्यालयों को भेजकर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जिला उपनिदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। विभाग द्वारा प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अतिरिक्त पशु चिकित्सालय एवं औषधालयों पर कार्यरत अमले के माध्यम से पशुपालकों को पशुधन को लू से बचाने के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

डीसी डॉ. शालीन ने बताया कि जिले की पशु संस्थाओं में आवश्यक दवाइयों का स्टॉक रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके अलावा, विभाग के अमले को पशु संस्थाओं में बनी हुई पानी की खालों की मरम्मत करवा कर उनमें पानी भरवाने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विभाग ने पशुओं को मुंह खुर व गलघोटू आदि रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण समय पर पूरा कर लिया है।

पशुओं को धूप से बचाएं
डीसी डॉ. शालीन ने कहा कि पशुधन को लू के प्रकोप से बचाने के लिए पशुपालकों द्वारा विभिन्न उपाय किए जाने चाहिएं। पशुओं को छाया वाले स्थान जैसे पेड़, शेड या छत वाली संरचनाओं में रखें ताकि वे धूप से बच सकें। पशु आवास की छतों को पुआल या टाट आदि से ढक दें या इंसुलिन लगाएं ताकि बाड़े में गर्मी कम हो। पशु आवास में पंखे, स्प्रिंकलर या फगर का उपयोग करें ताकि हवा का संचार और ठंडक बनी रहे। खिड़कियाँ और दरवाजे खोलकर रखें और उन पर गीले बोरे लटकाएं ताकि प्राकृतिक ठंडक मिल सके।

पशुओं को पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाएं
डीसी डॉ. शालीन ने कहा कि पशुओं को ताज़ा और साफ पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराएं। धातु के बर्तन की बजाय प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन का उपयोग करें ताकि पानी ठंडा रहे। पशुओं को उच्च गुणवत्ता वाला हरा चारा, संतुलित आहार तथा खनिज मिश्रण दें ताकि पशु के शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो। पशुओं को चारा दिन के ठंडे समय में खिलाएं। पशुओं को सुखी तूड़ी न खिलाएं। तूड़ी को खिलाने से पहले एक मु_ी नमक तथा एक मु_ी खनिज मिश्रण तथा दरदरा पिसा हुआ अनाज मिलाकर कम से कम एक घंटे के लिए पानी में भिगो दें।

लू लगने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करें
डीसी डॉ. शालीन ने बताया कि पशुओं को दिन के ठंडे समय में ही नहलाएं। अधिक श्रम वाले कार्य जैसे जुताई, बुलाई आदि में पशुओं का उपयोग केवल ठंडे समय में करें। पशुओं का परिवहन केवल ठंडे समय में करें। लम्बे सफर में पशुओं को बीच-बीच में वाहन से उतार कर छाया में आराम देकर शीतल पानी और ताज़ा हरा चारा उपलब्ध करवाना चाहिए। पशुओं को लू लगने के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करके पशु का उचित उपचार करवाएं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *