-युवाओं को रोजगार दिलाना है तो आईएमटी लगवाना जरूरी, अंबाला में लगा होता आईएमटी तो अभी तक 20 हजार युवाओं को मिल चुका होता रोजगार
अंबाला।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने कहा कि अंबाला शहर मेरा परिवार है और मैंने हमेशा परिवार का सदस्य होने का फर्ज निभाया है। चाहे कोविड का समय हो या फिर बाढ़ आने के बाद लोगों की मदद करने का मामला हो। विनोद शर्मा ने कहा कि जब वह पहली बार अंबाला से विधायक बने थे तो उस समय साफ कर दिया था कि हमारा रिश्ता कोई राजनीतिक नहीं होगा और मैं अपने किए गए वायदे को निभा आ रहा हूं। शर्मा ने कहा कि परिवार की जरूरत को देखते हुए ही बच्चों की मदद करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि 11वीं व 12वीं के बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए एक गांव से दूसरे गांव जाना पड़ता है, जिसके कारण उनका समय बर्बाद होता है। इसी को देखते हुए 11वीं व 12वीं के बच्चों को साइकिलें वितरित की जा रही हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत अंबाला के गांव सौंटा, सौंटी, जनसूआ गौरसिया, जनसूई, निहारसी, बकनौर, मिया माजरा, बम्बे, निहारसा, चुगना, अलाऊदीन माजरा सहित कई गांवों में लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गांवों में पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा का जोरदार स्वागत किया गया। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा हासिल करने के बाद हर युवा का सपना होता है कि उसे नौकरी मिले और जब नौकरी नहीं मिलती तो युवाओं को लगता है कि इतनी पढ़ाई करने का क्या फायदा। शर्मा ने कहा कि केवल आईएमटी लगने के बाद ही युवाओं को रोजगार मिल सकता है और आईएमटी लगवाने के लिए आपके साथ की जरूरत है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2009 में अंबाला व रोहतक में एक साथ आईएमटी पास किया गया था और उस समय अंबाला के कुछ कांग्रेसी नेताओं ने भूखहड़ताल के नाम पर धरना देते हुए आईएमटी का विरोध किया। शर्मा ने कहा कि उन कांग्रेसी नेताओं के विरोध के कारण अंबाला में आईएमटी को कैंसिल कर दिया गया, जबकि रोहतक में आईएमटी लग गई। उन्होंने कहा कि इस समय रोहतक में करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला हुआ है और निश्चिततौर पर यदि अंबाला में भी आईएमटी लगता तो निश्चिततौर पर यहां पर भी अभी तक हजारों युवाओं को रोजगार मिल चुका होता। शर्मा ने कहा कि आपका साथ मिलता तो अंबाला में आईएमटी लगवाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार न होने के कारण युवा विदेश की तरफ रुख कर रहे हैं और वहां पर जाकर भी बड़ी मेहनत के बाद कामयाबी मिले या न मिले, इस बात की कोई गारंटी नही है। इस अवसर पर कुलदीप सिंह डंगडैहरी, मदन मोहन घेल, सुखजंट सिंह छोटा चेयरमैन, सौंटा से कुलदीप सिंह, सौंटी से पूर्व सरपंच साहिब सिंह, वकील सिंह, नरेश कुमार, सरदुल सिंह, सरुप सिंह, करनैल सिंह, कविराम, प्रीतम सिंह, बकनौर से प्यारा सिंह, कुलविंद्र सिंह बकनौर, जगतार सिंह, सुरेंद्र सिंह, बलकार सिंह, गुरबचन सिंह, सरपंच कप्तान सिंह, मियां माजरा से करतार सिंह, बम्बे से पूर्व सरपंच अशोक कुमार, धर्मचंद, गुरमीत सिंह, बलकार सिंह, शमशेर सिंह पूर्व सरपंच, चुगना से अशोक कुमार, जरनैल सिंह जनसूई, अमरजीत सिंह, रमेश, भरपूर सिंह, निहाल सिंह, रवैल सिंह, राम सिंह, सुखदेव सिंह, बलदेवराज, सुच्चा सिंह, पूर्ण सिंह, स्वर्णपाल, निहारसा से जगीर सिंह, धर्मचंद बम्बा, विजय कुमार मियामाजरा, अलाऊदीन माजरा से जयमल, राकेश मेहता, रविंद्र सौंडा, नवजोत शर्मा, एडवोकेट अमरिंद्र राणा, सतपाल वर्मा सौंटा, बलकार सिंह सौंटी, नरेश कुमार जनसुआ, राजकुमार गुप्ता, संदीप कुमार, सत्यनारायण पांडिया, अशोक तंवर सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
