पर्यावरण संकट : नीतियों से नहीं, नागरिक चेतना से बचेगी प्रकृति
सरकारों की विफलता के साथ-साथ हमारी जीवन-शैली भी पर्यावरण विनाश की सबसे बड़ी ज़िम्मेदार है। पेड़ लगाने की बात आए तो उत्साह केवल सरकारी अभियानों और फोटो अवसरों तक सीमित…
सरकारों की विफलता के साथ-साथ हमारी जीवन-शैली भी पर्यावरण विनाश की सबसे बड़ी ज़िम्मेदार है। पेड़ लगाने की बात आए तो उत्साह केवल सरकारी अभियानों और फोटो अवसरों तक सीमित…
– डॉ सत्यवान सौरभ – अरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से…
सोनिका वधवा कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार घने कोहरे, कम दृश्यता व खराब मौसम के कारण परीक्षाओं के समय में संशोधन किया गया है। विश्वविद्यालय…
(हांसी : इतिहास ने छीना, वक्त ने लौटाया जिला) हांसी कभी हरियाणा क्षेत्र की राजधानी रही है। जॉर्ज थॉमस के शासनकाल में यह प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र था। मुगल काल…
लगातार व्यवधानों के दौर में संसदीय लोकतंत्र को सशक्त करने की संस्थागत राह — डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय संसद लोकतंत्र की आत्मा मानी जाती है। यही वह मंच है जहाँ…
बाल-सुरक्षा और तकनीकी समाधानवाद : डिजिटल युग में सामाजिक माध्यमों पर प्रतिबंध का विमर्श ऑस्ट्रेलिया का प्रस्ताव है सोलह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सामाजिक माध्यमों पर…
बाल-सुरक्षा और तकनीकी समाधानवाद : डिजिटल युग में सामाजिक माध्यमों पर प्रतिबंध का विमर्श ऑस्ट्रेलिया का प्रस्ताव है सोलह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सामाजिक माध्यमों पर…
भारत में बढ़ती निजीकरण प्रवृत्ति और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय की कमी: क्या ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ सच में न्यायालयों में लागू किया जा सकता है? जब उपचार एक सेवा नहीं, बल्कि…
यूक्रेन युद्ध, पश्चिमी प्रतिबंध और भारतीय सामरिक स्वायत्तता की नई परीक्षा — डॉ प्रियंका सौरभ रूस के साथ भारत के संबंध दशकों से सामरिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और राजनीतिक विश्वास…
कुरुक्षेत्र, 8 दिसम्बर : कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सनातन संस्कृति संसद के सौजन्य से आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने…