Category: International

गोवर्धन पूजा से श्रद्धा बढ़े, दिखावा नहीं

“कृष्ण का पर्व हमें सिखाता है कि असली भक्ति धरती, गाय और करुणा में है, कैमरे की चमक में नहीं।” गोवर्धन पूजा केवल भगवान कृष्ण का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति,…

खुशियों की दीपावली : मन की अंधियारी दूर करने का समय

(रोशनी बाहर नहीं, मन के भीतर जलाएं दीये, रिश्तों और सुकून से रौशन होती है असली दीपावली।) दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि मन के अंधकार को मिटाने…

“जलते पुतले, बढ़ते रावण: दशहरे का बदलता अर्थ”

“पुतलों का दहन नहीं, मन और समाज के भीतर छिपी बुराइयों का संहार ही दशहरे का असली संदेश है।” दशहरे पर रावण के पुतले जलाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि बुराई…

“बदला हुआ भारत: क्रिकेट और आत्मसम्मान का नया अध्याय”

“एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत का रुख़ और खेल के मैदान से परे राष्ट्रीय गौरव की झलक” एशिया कप 2025 का फाइनल केवल क्रिकेट का खेल नहीं था।…

“संघ और स्त्रियाँ: सेविका समिति से शताब्दी तक की यात्रा”

सितंबर 2025 में आयोजित व्याख्यानमाला के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि आज महिलाओं की भागीदारी समाज और राष्ट्र निर्माण में पहले से कहीं…

“नवरात्रि, प्रसाद और पालन-पोषण: आस्था में विवेक का महत्व”

(नवरात्रियों का संदेश यही है कि आस्था, संयम और विवेक को एक साथ अपनाया जाए।) नवरात्रि में हलवा-पूरी जैसे पारंपरिक प्रसाद का महत्व है, लेकिन यह केवल इंसानों के लिए…

एच-वन-बी वीज़ा विवाद और आत्मनिर्भर भारत का अवसर

(अमेरिकी एच-वन-बी वीज़ा विवाद : भारतीय प्रवासी के लिए संकट, भारत के लिए अवसर) अमेरिका का नया एच-वन-बी वीज़ा शुल्क केवल आप्रवासन नीति का मुद्दा नहीं है बल्कि वैश्विक आर्थिक…

40 देशों में पहली बार आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025

विदेश मंत्रालय ने की पहल, महोत्सव में विदेश मंत्रालय की तरफ से कुरुक्षेत्र की धरा पर पहुंचेंगे 15 से ज्यादा देशों के 25 स्कॉलर, क्राफ्ट और शिल्प मेले में भी…

पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण : भारत की बौद्धिक अस्मिता का संकल्प

“डिजिटलीकरण से सुरक्षित होगी धरोहर, रुकेगी बौद्धिक चोरी, और खुलेगा राष्ट्रीय पुनर्जागरण का मार्ग” भारत की प्राचीन पांडुलिपियाँ केवल कागज़ पर लिखे शब्द नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की आत्मा हैं।…

जनरेशन-जी से लेकर जनरेशन अल्फा तक : बदलती दुनिया, बदलते बच्चे

 “समय के साथ बदलती पीढ़ियाँ और उनका समाज पर असर” समय और समाज के बदलते माहौल के साथ हर पीढ़ी की सोच, जीवनशैली और चुनौतियाँ बदलती हैं। ग्रेटेस्ट जनरेशन और…