बचपन पर बोझ नहीं, संरक्षण चाहिए: हमारी सामाजिक होड़ और बच्चों का स्वास्थ्य
– डॉ. प्रियंका सौरभ हाल ही में 10 वर्षीय एक बच्चे की अचानक मृत्यु से जुड़ा समाचार केवल एक दुखद घटना नहीं है, बल्कि हमारे समय की सबसे गंभीर सामाजिक…
– डॉ. प्रियंका सौरभ हाल ही में 10 वर्षीय एक बच्चे की अचानक मृत्यु से जुड़ा समाचार केवल एक दुखद घटना नहीं है, बल्कि हमारे समय की सबसे गंभीर सामाजिक…
सरकारों की विफलता के साथ-साथ हमारी जीवन-शैली भी पर्यावरण विनाश की सबसे बड़ी ज़िम्मेदार है। पेड़ लगाने की बात आए तो उत्साह केवल सरकारी अभियानों और फोटो अवसरों तक सीमित…
– डॉ सत्यवान सौरभ – अरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से…
बाल-सुरक्षा और तकनीकी समाधानवाद : डिजिटल युग में सामाजिक माध्यमों पर प्रतिबंध का विमर्श ऑस्ट्रेलिया का प्रस्ताव है सोलह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सामाजिक माध्यमों पर…
बाल-सुरक्षा और तकनीकी समाधानवाद : डिजिटल युग में सामाजिक माध्यमों पर प्रतिबंध का विमर्श ऑस्ट्रेलिया का प्रस्ताव है सोलह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सामाजिक माध्यमों पर…
भारत में बढ़ती निजीकरण प्रवृत्ति और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय की कमी: क्या ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ सच में न्यायालयों में लागू किया जा सकता है? जब उपचार एक सेवा नहीं, बल्कि…
यूक्रेन युद्ध, पश्चिमी प्रतिबंध और भारतीय सामरिक स्वायत्तता की नई परीक्षा — डॉ प्रियंका सौरभ रूस के साथ भारत के संबंध दशकों से सामरिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और राजनीतिक विश्वास…
कुरुक्षेत्र, 8 दिसम्बर : कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सनातन संस्कृति संसद के सौजन्य से आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने…
कर्मचारियों को आखिर कब मिलेगा असली ‘डिसकनेक्ट’ का अधिकार? राइट टू डिसकनेक्ट बिल 2025: कामकाजी भारत की थकान, तनाव और ‘हमेशा उपलब्ध रहने’ की संस्कृति पर एक जरूरी बहस। –…
जब गुजरात जैसा बड़े आकार वाला प्रदेश पीछे रह जाए और छोटा हरियाणा टोल वसूली में सबसे आगे हो—तो यह महज संयोग नहीं, नीतिगत असंतुलन का संकेत है — डॉ…