Category: International

महिलाओं के लिए रोल माॅडल और प्रेरणा-स्रोत हैं विश्व बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. एस. अनुकृति

(8 मार्च — अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष)   (अपनी शिक्षा के दौरान भारत सरकार का नेशनल अवार्ड, अमेरिका की जीई फंड स्कॉलरशिप, विकरी और हैरिस अवार्ड तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय की…

होली, बदलता समाज और मर्यादा की नई परिभाषाएँ

– डॉ. सत्यवान सौरभ होली केवल एक त्योहार नहीं, भारतीय समाज की सामूहिक चेतना का उत्सव है। यह रंगों का, उल्लास का, मन की गांठें खोलने का और रिश्तों में…

दुनियाभर की साजिशों का शिकार एशिया

– डॉ. सत्यवान सौरभ एशिया का भू-राजनीतिक परिदृश्य सदियों से संघर्ष, हस्तक्षेप और साजिशों से घिरा रहा है। यह महाद्वीप न केवल जनसंख्या और संस्कृति का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक…

रंग जो दिलों तक उतर जाएँ……होली दिलों को जोड़ने और दूरी को मिटाने का सबसे रंगीन मौका

– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों…

समाज, संस्कृति, संस्कार, नैतिकता और श्रेष्ठ आचरण ही संघ के कार्य का मूल आधार : डा. मोहनराव भागवत

सरसंघचालक डा. मोहनराव भागवत ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद् गीता सभागार में शिक्षाविदों, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ किया संवाद कुरुक्षेत्र, 28 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक…

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की चर्चा: सत्य का आईना या संस्था की गरिमा पर प्रहार?

– डॉ. प्रियंका सौरभ न्यायपालिका भारत के लोकतंत्र का संरक्षक स्तंभ है, जो संविधान की रक्षा करता है और नागरिकों को न्याय का आश्वासन देता है। लेकिन हाल ही में…

विदेश भेजने की होड़ और बदलती मानसिकता

( क्या सचमुच भारत में अवसर कम हैं या हम एक भ्रम में जी रहे हैं?) – डॉ. प्रियंका सौरभ पिछले कुछ वर्षों में भारतीय समाज में एक नई प्रवृत्ति…

विधायकों के टेलीफोन भत्ते: फिजूलखर्ची या जनसंपर्क की अनिवार्यता?

(जब 300–400 रुपये में अनलिमिटेड कॉल और डेटा संभव, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतना बड़ा भत्ता क्यों?) -डॉ. सत्यवान सौरभ लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं हमेशा चर्चा…

*कुरुक्षेत्र की धरती से SKM ने किया ट्रेड डील के विरोध का ऐलान, देशभर में करेंगे महापंचायतें*

*9 मार्च को दिल्ली में किसान मजदूर लगाएंगे सदन* *10 मार्च से लेकर 13 अप्रैल तक देश भर में किए जाएंगे महापंचायत* *राकेश टिकट एप्सटीन फाइल पर दी प्रतिक्रिया, बोले-…

क्लिक के दलदल में फँसा समाज: गालियों से ग्रोथ, शोर से शोहरत

(जहाँ सच सन्नाटा है, तमाशा उत्सव है — क्लिक की संस्कृति में खोता हुआ समाज और डिजिटल मंच पर किनारे पड़ा विवेक) डॉ. सत्यवान सौरभ डिजिटल दुनिया कभी ज्ञान, संवाद…