हरियाणा के 87 अनाथों को अब विदेश में मां-बाप का प्यार मिलेगा। नवंबर में मनाए जाने वाले दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के तहत अब राज्य के 468 अनाथों को परिवार का प्यार मिल चुका है। सूबा सरकार की ओर से इस प्रक्रिया को कानूनी रूप देने के लिए 7 एजेंसियां भी स्थापित की गई हैं। केंद्र की तर्ज पर हरियाणा में इस प्रक्रिया को शुरू किया गया है।

केंद्र की तर्ज पर हुआ आयोजन
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि दत्तक-ग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास सरकार कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा हर साल नवंबर माह को दत्तक ग्रहण माह के तौर पर मनाया जाता है। इस बार केंद्र सरकार की तर्ज पर ही प्रदेश में भी दत्तक-ग्रहण माह का आयोजन किया गया है।

राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने बतायसा कि अब तक देश में 381 व विदेशों में 87 बच्चों को गोद दिया जा चुका है।
राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने बतायसा कि अब तक देश में 381 व विदेशों में 87 बच्चों को गोद दिया जा चुका है।

देश में 381 लोगों को मिला लाभ
राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि प्रदेश में 7 विशेष एजेंसियां बच्चों को गोद देने के लिए स्थापित की जा चुकी हैं। अब तक देश में 381 व विदेशों में 87 बच्चों को गोद दिया जा चुका है। विभाग की निदेशक एवं सचिव अमनीत पी कुमार ने बच्चों के विकास के लिए सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही है। बच्चों को गोद लेने की नई गाइडलाइंस भी जारी की जा रही हैं।

यह है गोद लेने की प्रक्रिया
अनाथ, परित्यक और अभित्यक बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया जाता है। CWC बच्चों को तत्काल देखभाल के लिए बाल देखरेख संस्थाओं या विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी में रखने के लिए आवश्यक आदेश जारी करती है। इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया द्वारा कानूनी रूप से मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सीडब्ल्यूसी बच्चे को गोद लेने के लिए कानूनी रूप से मुक्त घोषित किया जाता है। गोद लेने की तारीख से दो वर्ष तक फालोअप कार्यवाही की जाती है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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