अम्बाला लो.स. सीट से तीनों बार 50 % से अधिक वोट प्राप्त कर विजयी हुए कटारिया  
 
हालांकि सर्वाधिक 68.37 % वोट प्राप्त कर जीतने  का रिकॉर्ड  कांग्रेस के राम प्रकाश के नाम —   एडवोकेट हेमंत

सूरज भान 1977  में 68.34 % वोट लेकर भी  नहीं तोड़ पाए थे राम प्रकाश का रिकॉर्ड

अंबाला शहर-  आगामी  25  मई   को  देश की 18 वीं लोकसभा के गठन हेतू आम चुनाव की कड़ी के   छठे चरण में  देश के विभिन्न राज्यों में फैली कुल 58 लोकसभा सीटों जिनमें  हरियाणा की सभी 10  लो.स. सीटें भी शामिल हैं पर मतदान निर्धारित है.
हरियाणा में अम्बाला (अनुसूचित जाति- आरक्षित) संसदीय क्षेत्र में, जिसके अंतर्गत अम्बाला जिले के सभी चार – अम्बाला शहर, अम्बाला कैंट, मुलाना (आरक्षित) और नारायणगढ, पंचकूला जिले के दो- कालका और पंचकूला एवं यमुनानगर जिले के तीन- जगाधरी, यमुनानगर और साढौरा (आरक्षित) विधानसभा हलके शामिल हैं जिन  सभी में  मतदाताओं की कुल  संख्या इस वर्ष 1 जनवरी 2024 की योग्यता तिथि के आधार पर एवं 22 जनवरी 2024 को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित फाइनल मतदाता सूचियों के आंकड़ों के आधार पर  19 लाख 78 हज़ार  278 थी, जिसमें गत तीन माह में कुछ और वृद्धि भी हुई है, में मुख्य  मुकाबला  भाजपा की  उम्मीदवार 60 वर्षीय बंतो देवी  कटारिया  एवं कांग्रेस पार्टी के 44 वर्षीय  वरुण चौधरी (मुलाना) के बीच है.  वरुण बीते साढ़े 4 वर्ष अर्थात अक्टूबर, 2019 से मुलाना विधानसभा हलके से कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं.
शहर के सैक्टर 7 निवासी पंजाब एवं हरियाणा  हाईकोर्ट के एडवोकेट और चुनावी विश्लेषक हेमंत कुमार ( 9416887788) ने  बताया कि  अंबाला लोकसभा सीट के चुनाव में इस बार  नामांकन वापसी के बाद कुल‌ 14 उम्मीदवार मैदान में हैं हालांकि मतदान के दिन हर ईवीएम ( इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर 15 नाम होंगे क्योंकि‌ वर्ष 2013 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के  बाद नोटा ( नन आफ दि अबाव — उपरोक्त में से कोई नहीं)  का विकल्प भी हर  ईवीएम / बैलट पेपर पर आवश्यक है.
बहरहाल, हेमंत  ने भारतीय निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड से आज तक अम्बाला संसदीय क्षेत्र का  आधिकारिक चुनावी डाटा  प्राप्त कर उसका अध्ययन  करने के उपरान्त बताया कि आज से  पांच वर्ष पूर्व मई, 2019 में हुए 17वीं लोकसभा आम चुनाव  में भाजपा के दिवंगत रतन लाल कटारिया को तब मतदान में पड़े  13 लाख 16 हज़ार 235 वोटो  में से 7 लाख 46 हज़ार 508 वोट  प्राप्त हुए थे अर्थात उन्हें 56.64 %  वोट हासिल हुए थे‌‌ एवं कटारिया ने  कांग्रेस की कुमारी सैलजा, जिन्होंने 4 लाख 4 हज़ार 163 अर्थात 30.67% वोट प्राप्त किए थे, को 3 लाख 42 हज़ार 345 वोटो के विशाल अंतर से हराकर  जीत हासिल की‌ थी.
उससे पूर्व‌‌ अप्रैल, 2014 में हुए 16 वीं लोकसभा के आम चुनाव में भाजपा के रतन लाल कटारिया ने मतदान में पड़े  12 लाख 18 हज़ार 995 वोटो  में से 6 लाख 12 हज़ार 121 वोट  प्राप्त किये अर्थात उन्होंने 50.17 %  वोट हासिल किये एवं कटारिया ने  कांग्रेस के राज कुमार बाल्मीकि पर 3 लाख 40 हज़ार 74 वोटो  से जीत हासिल की थी.  वाल्मीकि ने  2 लाख 72 हज़ार 47 वोटो
उससे पहले वर्ष 2009 और  2004   में हुए लोकसभा आम चुनावो में कांग्रेसी प्रत्याशी के तौर पर सैलजा ने  कटारिया  को लगातार दो बार मात दी थी. वर्ष 2009 लोक सभा चुनावो में सैलजा को 37.19 % ही वोट मिले जबकि कटारिया  35.50 % वोट लेने में सफल हुए एवं सैलजा ने मात्र 14 हज़ार 570 वोटो से कटारिया को शिकस्त दी. उससे पहले वर्ष 2004 में सैलजा ने 49 % वोट हासिल किये एवं उन्होंने कटारिया को  2 लाख 34 हज़ार 935 मतों के विशाल अंतर से हराया.  उस चुनाव में कटारिया को मात्र 21.27 % वोट प्राप्त हुए थे.
हेमंत ने बताया कि  कटारिया हालांकि सर्वप्रथम  वर्ष 1999 के लोकसभा आम चुनावो में भी अम्बाला सीट से निर्वाचित हुए थे जब उन्होंने 51.63 % वोट हासिल कर कांग्रेस के फूल चंद मुलाना  ( वर्तमान कांग्रेस उम्मीदवार वरूण मुलाना के पिता) को 1 लाख 24 हज़ार 478 वोटो के अंतर से हराया. इस चुनाव में मुलाना को 33.65 % वोट प्राप्त हुए थे. इस प्रकार आज तक रतन लाल कटारिया तीनो बार 50 प्रतिशत से  ऊपर वोट शेयर प्राप्त कर अम्बाला से लोकसभा निर्वाचित हुए थे.

उससे पहले वर्ष 1998 चुनावो में बसपा के अमन कुमार नागरा ने 36.97 % वोट हासिल किये जबकि भाजपा के सूरज भान ने 36.58 % वोट हासिल किये. इस चुनाव में नागरा ने मात्र 2864 वोटो से भान को हराया था.
वर्ष 1996 में भाजपा से चुनाव लड़ते हुए सूरज  भान को  31. 77 % वोट मिले एवं उन्होंने कांग्रेस के शेर सिंह को 87 हज़ार 147 वोटो से पराजित किया. 1991 में कांग्रेस के राम प्रकाश को 31.03 % वोट मिले एवं उन्होंने‌ भाजपा के सूरज भान को 71 हज़ार 942 वोटो से हराया.
इससे पहले वर्ष 1989 और 1984 में विजयी हुए राम प्रकाश को क्रमश: 46.24 % एवं 59.52 % वोट मिले एवं दोनों बार उन्होंने भाजपा के सूरज भान को परास्त किया. इससे पहले वर्ष 1980  और वर्ष 1977 में सूरज भान ने दोनों बार चुनाव जीता एवं उन्होंने क्रमश: 35.23 % और 68.34 % वोट प्राप्त किए.
एडवोकेट  हेमंत ने कहा  उससे पहले  विजेता रहे  राम प्रकाश ने 1971 में आज तक सबसे अधिक  अर्थात 68.37 % वोट हासिल किये थे जो आज तक का अम्बाला  लोकसभा सीट पर सर्वाधिक वोट प्रतिशत प्राप्त करने का रिकॉर्ड है जिसे कोई नहीं तोड़ सका. इससे पहले 1967 में भी सूरज भान विजयी हुए और उन्होंने 40.47 % वोट प्राप्त किये. वर्ष 1962 में कांग्रेस के विजयी प्रत्याशी चूनी लाल को 46.66 % वोट मिले. वर्ष 1957 में जब अम्बाला से दो सांसद निर्वाचित हुए तो कांग्रेस पार्टी से सुभद्रा जोशी और चूनी लाल को क्रमश: 34.54 % और 29.33 % वोट मिले थे. हेमंत ने बताया  सबसे पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टेक चंद को 49.12 प्रतिशत वोट मिले थे.

By Dr. Rajesh Wadhwa

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