कुरूक्षेत्र। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि सरकार द्वारा सरस्वती नदी के किनारे स्थित सभी तीर्थों का जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण करवाने का कार्य किया जा रहा है। तीर्थों का जीर्णोद्धार करने से पहले इन तीर्थों का निरीक्षण करके फीडबैक भी एकत्रित की जा रही है ताकि तीर्थों का विकास सही तरीके से किया जा सके।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच सोमवार को हरियाणा-पंजाब के बार्डर पर स्थित गांव पिसोल का दौरा करने के उपरांत बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने हरियाणा-पंजाब के बॉर्डर पर स्थित गांव पिसोल में सरस्वती नदी के तट पर स्थिति भव्य व प्राचीन घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी पैलियो चैनल पर पिसोल गांव में स्थित सरस्वती घाट काफी भव्य और प्राचीन है। इस घाट का आधा हिस्सा हरियाणा और आधा हिस्सा पंजाब में है। इस घाट पर हरियाणा और पंजाब दोनों प्रदेशों के श्रद्धालु स्नान करने के लिए आते है। इस 48 कोस भूमि के एक रक्षक अरन्तुक भी यहां भी विराजमान है।
उन्होंने कहा कि यह घाट पंजाब में सरस्वती-घग्गर मिलन के गांव सागरा के पहले स्थित है। इस घाट का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। इस तीर्थ को सरस्वती कॉरिडोर में शामिल किया जाएगा। सरस्वती कॉरिडोर के माध्यम से इस तीर्थ का जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके साथ-साथ श्रद्धालुओं के स्नान के लिए घाट को भी विकसित किया जाएगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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