कुरुक्षेत्र, 28 अक्टूबर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों को योग के महत्व से परिचित करवाने तथा स्वस्थ जीवन शैली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक दिवसीय योग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ विभागाध्यक्षा प्रो. अनामिका गिरधर ने किया। इस अवसर पर योगाचार्य डॉ. शीलक राम आचार्य के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों एवं योगाभ्यास की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए योगाचार्य डॉ. शीलक राम आचार्य ने कहा कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ मानसिक शांति, एकाग्रता एवं भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास करवाया तथा दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विभागाध्यक्षा प्रो. अनामिका गिरधर ने योग के व्यावहारिक एवं दार्शनिक पक्षों की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि योग भारतीय ज्ञान परंपरा की एक महत्त्वपूर्ण विधा है। यह व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ आत्मानुशासन और आत्मबोध की दिशा में भी प्रेरित करता है। उन्होंने ऐसी कार्यशालाओं को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति रुचि बढ़ाने में उपयोगी बताया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न योगाभ्यासों के माध्यम से योग की उपयोगिता को समझा। इस कार्यशाला के माध्यम से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
