वार्डों में चल रही आईईसी गतिविधियां, घरेलू खाद बनाने वाले घरों का रिकॉर्ड भी किया जा रहा तैयार
करनाल 27 अक्टूबर,
शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और ठोस कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम करनाल द्वारा कचरा पृथक्करण, घरेलू खाद निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा के निर्देशानुसार जोन प्रभारी व स्वच्छ भारत मिशन-शहरी की टीमें सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक कर रही हैं, ताकि घरों से ही कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
घर-घर पहुंचकर घरेलू खाद बनाने के तरीके समझा रहीं टीमें।
अभियान के तहत संबंधित जोन प्रभारियों के नेतृत्व में नगर निगम की टीमें विभिन्न वार्डों में जाकर नागरिकों को घर पर गीले कचरे से खाद बनाने की विधि समझा रही हैं। टीमों द्वारा ऐसे घरों का भी निरीक्षण किया जा रहा है, जहां पहले से घरेलू खाद बनाई जा रही है। इन घरों की जानकारी और संबंधित रिकॉर्ड भी दर्ज किया जा रहा है, ताकि इस पहल को प्रोत्साहित करने के साथ अधिक से अधिक परिवारों को घरेलू खाद बनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि घरों में फल-सब्जियों के छिलकों और अन्य जैविक कचरे से खाद तैयार करने से गीले कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिलती है। इससे कचरे के उचित निस्तारण को बढ़ावा मिलता है और तैयार खाद का उपयोग पौधों व बागवानी में किया जा सकता है।
चार प्रकार के कूड़ेदानों के बारे में दी जा रही जानकारी।
आईईसी गतिविधियों के दौरान नागरिकों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखने और निर्धारित कूड़ेदानों का सही उपयोग करने की जानकारी भी दी जा रही है। टीमों द्वारा हरे, नीले, लाल और काले रंग के चार कूड़ेदानों में संबंधित श्रेणी का कचरा डालने के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि घरों से ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित हो और उसके संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाने की अपील।
अभियान के दौरान नागरिकों को सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। लोगों को कपड़े या अन्य पुन: उपयोग योग्य थैलों को अपनाने तथा प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए नागरिकों को कूड़ा-कर्कट इधर-उधर न फेंकने और न ही जलाने की अपील की जा रही है। कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
स्वच्छ करनाल के लिए जनभागीदारी जरूरी।
नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप नागरिकों से स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने और कचरे के उचित प्रबंधन में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर को स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए केवल सफाई व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। नगर निगम का प्रयास है कि घर-घर कचरा पृथक्करण, घरेलू खाद निर्माण और पर्यावरण संरक्षण की आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए। जनभागीदारी से न केवल कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि करनाल को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शहर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
