अम्बाला, 27 अक्तूबर।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला के तत्वावधान में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आज मुरलीधर डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अंबाला शहर में बाल अधिकारों एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
इस अभियान का मुख्य विषय मेरा बचपन, मेरा अधिकार — सुरक्षित बचपन, उज्ज्वल भविष्य रहा। इसके अंतर्गत बच्चों को पॉक्सो कानून, बाल विवाह निषेध, बाल शोषण की रोकथाम तथा बच्चों के अधिकारों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में विद्यालय के 1,000 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर माननीय सुश्री हृषिता गोयल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अंबाला मुरलीधर डीएवी एवं जरनैल सिंह, भूतपूर्व अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अम्बाला पुलिस डीएवी स्कूल में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को बाल अधिकारों, पॉक्सो कानून, बाल शोषण से बचाव तथा किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को जागरूक, सतर्क एवं अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
रोटेरियन वी.के. शर्मा, भूतपूर्व सहायक गवर्नर, रोटरी क्लब अंबाला सेंट्रल,अधिवक्ता सुश्री सरू जस्सी, अधिवक्ता कमल धीमान एवं अरविन्द जैन पैरा लीगल वालंटियर ने भी विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें अपने अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संकल्प लिया- न डरेंगे, न चुप रहेंगे, जरूरत पडऩे पर मदद लेंगे और दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करेंगे। अपने और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करेंगे। असुरक्षित महसूस होने पर भरोसेमंद व्यक्ति से मदद मांगेगे. इन्टरनेट एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करेंगे।
बाल विवाह का विरोध करेंगे, बाल शोषण नही होने देंगे
इस अवसर पर रोटेरियन डी.के. मंगला, भूतपूर्व प्रधान राजेश चोपड़ा जी एवं भास्कर शर्मा भी उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राधा रमन सूरी एवं विकास कोहली ने मुख्य अतिथि एवं सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्य अतिथि को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना, बाल शोषण एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के लिए प्रेरित करना तथा बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का संदेश देना था। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में जागरूकता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
