शारदीय नवरात्र का आज अंतिम दिन महानवमी है नवरात्रि के नौवे दिन मां दुर्गा के नवे स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना की जा रही है. रेवाड़ी के बारा हजारी चौक स्थित सिद्ध पीठ श्री दुर्गा मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है. महानवमी पर मां दुर्गा के 9 स्वरूप के रूप में कन्या पूजन का भी विधान है. नवमी पर घरों में कन्याओं का पूजन किया जा रहा है. दुर्गा मंदिर के प्रवक्ता कृष्ण कुमार लखेरा ने बताया कि नवदुर्गा नवरात्रि पर्व पर बारा हजारी में नवरात्रि की मंदिर में धूमधाम से मनाया जा रहा है जिसमें लोग दूर-दराज से आकर मंदिर में झोली फैलाकर दुर्गा मा से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं. बारा हजारी मंदिर की विशेषता है जो भी इसके दरबार में आता है हमेशा भक्तों की झोली खुशियों से भर देती है. वही रेवाड़ी के काली माता मंदिर संत फकीर धाम सराय बलभद्र में नवरात्र के उपलक्ष में डंके की रात जागी गई और कड़ी बाजरे का प्रसाद वितरित किया गया. माता रानी के जागरण में श्रद्धालु ने बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया. नवरात्रि के उपलक्ष में घरों और मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं. मां दुर्गा के साक्षात स्वरूप कन्या पूजन किया गया. रेवाड़ी के सिद्धपीठ देवी मंदिरों में माता सिद्धिदात्री की उपासना, हवन, और कन्या पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। नवरात्र के अंतिम दिन सोमवार को नौ दिनों से नवरात्र करने वाले श्रद्धालुओं ने कंजकाओं का पूजन करके व्रत खोला। दुर्गा नवमी के इस अवसर पर जिलेभर के मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया तथा सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहर के साथ धारूहेड़ा, कोसली तथा बावल में दुर्गानवमी के अवसर पर मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ जागरण और भंडारे आयोजित किए गए। नवरात्र के अंतिम दिन शहर के मोहल्ला बारा हजारी स्थित मां दुर्गा मंदिर के अलावा भाड़ावास रोड स्थित बारा पत्थर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ बारा हजारी स्थित मां दुर्गा मंदिर में रही। यहां पर सुबह के समय हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। मंदिरों में नवरात्रि पर हवन यज्ञ और प्रसाद वितरण के साथ पूरे दिन श्रद्धालुओं की रौनक बनी रहेगी.
