करनाल को स्वच्छता में बनाना है मिसाल, अधिकारी लक्ष्य निर्धारित कर मिशन मोड में करें कार्य- सलोनी शर्मा।
एसडब्ल्यूएम नियम-2026 की पालना, बल्क वेस्ट जेनरेटर्स के पंजीकरण, दृश्यमान स्वच्छता व निगरानी पर विशेष फोकस, सभी अधिकारी व कर्मचारी गंभीरता से करें कार्य।
करनाल 8 अक्तूबर,      
जिला नगर आयुक्त सलोनी शर्मा ने गुरुवार को नगर निगम की सफाई शाखा तथा जिले की नगर पालिकाओं के सचिवों व अधिकारियों के साथ बैठक कर शहरों में स्वच्छता व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की पालना, कचरा पृथक्करण, दृश्यमान स्वच्छता, गहन सफाई अभियान, सूचना, शिक्षा एवं संचार (आई.ई.सी.) गतिविधियां, डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण, सडक़ों की सफाई, सी. एंड डी. व बागवानी अपशिष्ट, कचरा संवेदनशील बिंदुओं, बेसहारा पशुओं, बल्क वेस्ट जनरेटर्स, जी.आर.एस. पोर्टल, स्वच्छ सिटी एप तथा चालानिंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। जिला नगरायुक्त ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिला नगरायुक्त ने कहा कि भारत सरकार के प्रगति-50 योजना में करनाल शहर का चयन हुआ है, इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से जुड़ा सामूहिक दायित्व है। इसलिए आई.ई.सी. गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उनके व्यवहार में स्थायी बदलाव लाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
एस.डब्ल्यू.एम. नियम-2026 की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश।
बैठक में जिला नगरायुक्त ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की पालना दृढ़ता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घरों से ही चार प्रकार के कचरे का पृथक्करण करवाया जाए तथा नागरिकों को गीला, सूखा, सैनिटरी तथा हानिकारक/विशेष श्रेणी के कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आईईसी गतिविधियों को केवल औपचारिकता न बनाकर व्यवहार परिवर्तन की मुहिम के रूप में चलाया जाए। नागरिकों को घर पर ही कचरा अलग करने तथा गीले कचरे से घरेलू खाद बनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
चिन्हित वार्डों में अगले 10 दिनों में शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण का लक्ष्य।
बैठक में बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नम्बर 8, 9 व 10 में गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण करवाया जा रहा है, जबकि वार्ड नम्बर 11, 12, 13, 17, 18 व 19 के अधिकतम घरों में कचरा पृथक्करण किया जा रहा है। जिला नगरायुक्त ने इन सभी वार्डों में अगले 10 दिनों में शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने वार्ड नम्बर 8, 9, 10, 17, 18 व 19 में 100-100 घरों को चिन्हित कर चार प्रकार के कचरे का पृथक्करण करवाने तथा घरेलू स्तर पर खाद तैयार करवाने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार नगर पालिका सचिवों को निर्देश दिए गए कि जिन वार्डों में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित करवाया जा रहा है, वहां कम से कम 50-50 घरों में चार प्रकार का कचरा पृथक्करण करवाते हुए घरेलू खाद तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने सुगम स्वच्छता एजेंसी तथा आईईसी टीम को इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने तथा इसे एक विशेष मुहिम के रूप में चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में वार्ड कमेटियों एवं आरडब्ल्यूए को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाए, ताकि नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
सी. एंड डी. वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश।
उन्होंने निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सीएंडडी वेस्ट) के उठान एवं उचित निस्तारण को लेकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में चयनित फूसगढ़, सिरसी-दहा, मेरठ रोड ट्रांसफर स्टेशन स्थल तथा शिव कॉलोनी एसटीपी के साथ वाली जगह पर सीएंडडी वेस्ट डाला जाए। उन्होंने नगर पालिका सचिवों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए, ताकि सीएंडडी वेस्ट का अनियंत्रित ढंग से निस्तारण न हो। उन्होंने संबंधित स्थलों पर बोर्ड, बाउंडरी वॉल, साइनेज, वे-ब्रिज सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि करनाल एनसीआर क्षेत्र में आता है, इसलिए पर्यावरणीय नियमों एवं निर्धारित मानकों की पालना हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए।
लिगेसी वेस्ट निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश।
बैठक में लिगेसी वेस्ट के निस्तारण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। स्वास्तिक एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि कुल 1.83 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट में से 68 हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। जिला नगरायुक्त ने निस्तारण की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि अगले 15 दिनों में कार्य की स्पष्ट प्रगति दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने संबंधित प्लांट को 24 घंटे संचालित करने के निर्देश भी दिए, ताकि लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के कार्य में तेजी लाई जा सके।
ट्रांसफर स्टेशन के स्थानांतरण को लेकर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश।
मेरठ रोड चौक स्थित ट्रांसफर स्टेशन के स्थानांतरण को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। इसके लिए शिव कॉलोनी एसटीपी के पास, बुढ़ाखेड़ा ड्रेन के पास तथा जनकपुरी शमशान घाट के पास उपलब्ध खाली स्थानों का निरीक्षण किया गया है। जिला नगरायुक्त ने सुगम स्वच्छता एजेंसी को इन स्थानों की व्यवहार्यता को लेकर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि ट्रांसफर स्टेशन के स्थानांतरण के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जा सके।
जीआरएस पोर्टल व स्वच्छ सिटी एप की शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो।
जिला नगरायुक्त ने जीआरएस पोर्टल एवं स्वच्छ सिटी एप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम तथा संबंधित नगर पालिका सचिवों से शिकायतों की स्थिति एवं उनके समाधान की रिपोर्ट भी जांची। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए तथा शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
शहर में हीटिंग बूथ बनाने की योजना तैयार करने के निर्देश।
सर्द मौसम को देखते हुए जिला नगरायुक्त ने निगम अधिकारियों को शहर के विभिन्न स्थानों व रैन बसेरों के आस-पास हीटिंग बूथ स्थापित करने की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बूथों के लिए उपयुक्त डिजाइन तैयार किया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को ठंड के मौसम में राहत मिल सके। उन्होंने इसके लिए उचित योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बल्क वेस्ट जनरेटर्स का शत-प्रतिशत पंजीकरण करवाने के निर्देश।
बैठक में बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीकरण की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र में 46 बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान की गई है, जिनमें से 15 ने पंजीकरण करवा लिया है। जिला नगरायुक्त ने शेष बल्क वेस्ट जनरेटर्स का भी जल्द से जल्द पंजीकरण करवाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका सचिवों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर उनका एसडब्ल्यूएम डॉट सीपीसीबी डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा।
गंदगी, आगजनी, सिंगल यूज प्लास्टिक व अतिक्रमण पर चालानिंग बढ़ाने के निर्देश।
उन्होंने कचरा जलाने, गंदगी फैलाने, सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग तथा अतिक्रमण के मामलों में प्रभावी चालानिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले आईईसी गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाए और व्यवहार परिवर्तन के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई एवं चालान किए जाएं। उन्होंने कहा कि सर्दियों के आगामी महीनों में कचरा जलाने एवं पर्यावरण प्रदूषण के मामले बढ़ सकते हैं। इसलिए संबंधित अधिकारी अभी से आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें तथा ऐसे मामलों की प्रभावी निगरानी की जाए।
बागवानी अपशिष्ट के निस्तारण कर ‘वेस्ट टू वेल्थ’ योजना पर जोर।
जिला नगरायुक्त ने बागवानी अपशिष्ट के नियमित उठान एवं उचित निस्तारण को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बागवानी अपशिष्ट के निस्तारण को लेकर ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा पर योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बागवानी अपशिष्ट को खुले में फेंकने अथवा जलाने के बजाय इसके वैज्ञानिक एवं उपयोगी निस्तारण की व्यवस्था की जाए। नगर पालिका अधिकारी भी बागवानी अपशिष्ट के निस्तारण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करें।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद।
बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, कार्यकारी अभियंता प्रियंका सैनी, सहायक अभियंता मनीष अग्रवाल, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढी, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चोपड़ा, नगर पालिका सचिवों के अतिरिक्त सफाई शाखा के कर्मचारी, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी टीम तथा सुगम स्वच्छता एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *