अंबाला, 3 सितंबर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला द्वारा जिले के दूरदराज, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके कानूनी अधिकारों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उनके घर-द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज एक माह तक चलने वाले मोबाइल कानूनी जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया।
यह अभियान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गीतांजलि गोयल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र, अंबाला से मोबाइल कानूनी जागरूकता वाहन को सीजेएम-सह-सचिव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर सीजेएम-सह-सचिव ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के दूरदराज, पिछड़े एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, नि:शुल्क कानूनी सहायता तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि न्याय तक पहुंच प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है और विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों एवं कानूनी सहायता से वंचित न रहे।
माहभर चलेगा जागरूकता अभियान
अभियान को प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए एक विस्तृत रोस्टर तैयार किया गया है। इसके तहत प्रतिदिन एक पैनल अधिवक्ता एवं एक पैरा लीगल वालंटियर को मोबाइल कानूनी जागरूकता वाहन के माध्यम से जिले के निर्धारित दूरदराज गांवों, बस्तियों एवं अन्य क्षेत्रों में भेजा जाएगा। फील्ड टीम द्वारा स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित कर कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान लोगों को उपयोगी कानूनी जानकारी से संबंधित पंपलेट एवं अन्य सूचना सामग्री वितरित की जाएगी। साथ ही, लोगों की प्रारंभिक कानूनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया जाएगा तथा नि:शुल्क कानूनी सहायता अथवा कानूनी प्रतिनिधित्व की आवश्यकता वाले पात्र व्यक्तियों की पहचान की जाएगी।
पहले दिन टीम ने किया जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के प्रथम दिवस फील्ड ड्यूटी के लिए पैनल अधिवक्ता अमिता वर्मा तथा पैरा लीगल वालंटियर नैन्सी को नियुक्त किया गया। टीम ने निर्धारित दूरदराज क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों को विभिन्न कानूनी एवं कल्याणकारी विषयों के बारे में जागरूक किया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत नि:शुल्क कानूनी सहायता की पात्रता एवं प्राप्त करने की प्रक्रिया , नालसा एवं हालसा की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पीडि़त मुआवजा योजना तथा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कानूनी अधिकारों के संबंध में जानकारी दी गई।
इसके अलावा लोगों को लोक अदालत एवं प्री-लिटिगेशन मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्रों के बारे में भी बताया गया, ताकि वे लंबी एवं खर्चीली न्यायिक प्रक्रिया से बचते हुए आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान कर सके। मोबाइल कानूनी जागरूकता वाहन के माध्यम से शुरू की गई इस पहल का स्थानीय निवासियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रथम दिवस की गतिविधियों ने अभियान के आगामी माह के लिए एक सकारात्मक एवं प्रभावी शुरुआत सुनिश्चित की।
