शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नई दरों के प्रभावी होने की तिथि एक माह बढ़ाई, 30 सितंबर तक पुरानी दरों पर भुगतान का विकल्प।
करनाल 1 सितम्बर,
नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने शहरवासियों को संपत्ति कर की नई दरों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा संपत्ति कर की नई दरों को लागू करने की तिथि एक माह आगे बढ़ा दी गई है। अब नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा नागरिकों को राहत देते हुए सितंबर माह का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है। इसके तहत शहरवासी 30 सितंबर 2026 तक पुरानी दरों के अनुसार अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। नागरिकों को इस अवधि के दौरान पुरानी दरों के अनुसार संपत्ति कर जमा करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
1 अक्टूबर से नई दरों के अनुसार होगा संपत्ति कर का निर्धारण।
निगमायुक्त ने बताया कि 1 अक्टूबर 2026 से संपत्ति कर की नई प्रणाली एवं नई दरें प्रभावी होंगी। इसके बाद संपत्ति कर का निर्धारण एवं भुगतान नई अधिसूचना में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नई दरों को लागू करने की तिथि में एक माह का विस्तार किए जाने का उद्देश्य नागरिकों को नई व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध करवाना है। इसलिए जिन नागरिकों का संपत्ति कर बकाया है, वे सितंबर माह में ही पुरानी दरों के अनुसार अपना संपत्ति कर जमा कर सकते हैं।
पहले से जमा संपत्ति कर पर नहीं पड़ेगा प्रभाव।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन संपत्ति स्वामियों/अधिभोगियों द्वारा पहले ही संपत्ति कर का भुगतान किया जा चुका है, उन पर नई व्यवस्था का वित्तीय वर्ष 2026-27 तक कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की बकाया संपत्ति कर राशि एवं उस पर देय ब्याज पर नई अधिसूचना का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा यह राशि पूर्व व्यवस्था के अनुसार ही रहेगी।
नागरिक सितंबर में ही पुरानी दरों पर संपत्ति कर जमा कर लाभ उठाएं।
निगमायुक्त ने शहरवासियों से अपील की कि वे नई दरों के लागू होने से पहले सितंबर माह में अपने संपत्ति कर का भुगतान पुरानी दरों के अनुसार कर दें। उन्होंने कहा कि समय पर संपत्ति कर जमा करने से नागरिकों को नई दरों के लागू होने से पहले उपलब्ध पुराने प्रावधानों के अनुसार भुगतान करने का अवसर मिलेगा।
