महापौर ने किया ध्वजारोहण और राष्ट्रध्वज को नमन, राष्ट्रीय एकता-अखंडता की कामना
गौसेवा को सनातन संस्कृति की सेवा-भावना का प्रतीक बताया, दोहराया सेवा संकल्प
करनाल। 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर महापौर रेणु बाला गुप्ता ने शनिवार को श्री राधा कृष्ण गौशाला में ध्वजारोहण और राष्ट्रध्वज को नमन किया। राष्ट्रगान के साथ वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो उठा। महापौर ने इस अवसर पर देश की एकता, अखंडता, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए राष्ट्रहित में समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिनके संघर्ष से देश को स्वतंत्रता मिली। आजादी की इस विरासत को मजबूत बनाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा, समाजसेवा और सेवा-भाव ही सच्ची देशभक्ति का आधार हैं।
ध्वजारोहण के पश्चात महापौर ने गौशाला में गौमाता की सेवा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि गौसेवा हमारी सनातन संस्कृति, करुणा और सेवा-भाव की महान परंपरा का प्रतीक है। राष्ट्रभक्ति के साथ सेवा भावना समाज को अधिक संवेदनशील, संस्कारित और मजबूत बनाती है।
उन्होंने कहा कि देश के विकास के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति, जीव-जंतुओं और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से राष्ट्रहित में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और समाजसेवा व गौसेवा जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। उन्होंने सभी से मिलकर राष्ट्रसेवा, समाजसेवा और गौसेवा के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।
ये भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर गणमान्य जनों में मेघा भंडारी, पार्षद संकल्प भंडारी, पार्षद जोगिंद्र शर्मा, पार्षद सुदेश रानी सहित गौशाला के सदस्य, प्रबुद्ध नागरिक एवं वरिष्ठजन उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रध्वज को नमन करते हुए देश की प्रगति, एकता और समृद्धि के लिए संकल्प लिया।
