रेवाड़ी शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या और हाल ही में गोवंश के हमले में दो बुजुर्गों की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विभिन्न सामाजिक एवं शहरवासियों ने शुक्रवार को राजीव चौक पर एक घंटे तक सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ रोष जताकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने तथा गोवंश पकड़ने के टेंडरों में खर्च की जा रही राशि की जांच कराने की मांग की। गोवंश पकड़ने को लेकर शहरवासी पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रशासन की ओर से रेवाड़ी शहर को कैटल फ्री घोषित किया जा चुका है। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में स्थायी समाधान नहीं किया गया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। संगठनों ने आरोप लगाया कि गोवंश को पकड़ने के लिए समय-समय पर टेंडर जारी किए जाते हैं और इनके माध्यम से बड़ी राशि खर्च की जाती है। इसके बावजूद धरातल पर स्थिति में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि गोवंश पकड़ने के लिए जारी किए गए टेंडरों में कितनी राशि खर्च हुई और वास्तव में कितने गोवंशी पकड़े गए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बेसहारा गोवंशी की समस्या के लिए केवल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है। ऐसे पशुपालकों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जो दूध निकालने के बाद उन्हें सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं।
उन्होंने मांग की कि पशुओं की पहचान कर उनके मालिकों का पता लगाया जाए और गोवंश को सड़क पर छोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाए। मंगलवार को गोवंशी के हमले में सेवानिवृत्त कैप्टन सहित दो बुजुर्गों की मौत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले करीब पांच वर्षों में गोवंश के हमलों से जिले में पांच लोगों की जान जा चुकी है। वही संबंध में जिला उपायुक्त अभिषेक कुमार मीणा ने कहा कि पशुओं को पकड़ने में एजेंसी स्तर पर लापरवाही की बात सामने आई है। इसके जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। दूध निकालकर पशुओं को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों को नेाटिस देकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोशाला संचालकों को भी गोवंशी को रखने के लिए पाबंद किया जाएगा। इस अवसर पर एडवोकेट कामरेड राजेंद्र सिंह, कैलाश चंद, पार्षद प्रवीण चौधरी, पूर्व ईओ मनोज यादव, एडवोकेट अजय सिंह, अशोक यादव, सेवानिवृत प्रबंधक सुरेंद्र यादव व सुधीर भार्गव, राजकुमार जलवा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
